1. You Are At:
  2. होम
  3. भारत
  4. राजनीति
  5. भीमा-कोरेगांव: बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, कहा-निर्लज्ज राहुल गांधी नक्सलियों के साथ खड़े थे

भीमा-कोरेगांव मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, कहा-निर्लज्ज राहुल गांधी नक्सलियों के साथ खड़े थे

पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी निर्लज्ज हैं। उनको शर्म से डूब जाना चाहिए। राहुल गांधी हमेशा उन लोगों के साथ खड़ें रहते हैं जो देश को तोड़ने की बात करते हैं। संबित ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी राजनैतिक नहीं।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk [Updated:28 Sep 2018, 2:14 PM IST]
भीमा-कोरेगांव मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, कहा-निर्लल्ज राहुल गांधी नक्सलियों के साथ खड़े थे- India TV
भीमा-कोरेगांव मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, कहा-निर्लल्ज राहुल गांधी नक्सलियों के साथ खड़े थे

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के भीमा-कोरेगांव हिंसा प्रकरण के सिलसिले में पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार करने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि नक्सल लिंक में ऐक्टिविस्ट्स की गिरफ्तारी की वजह राजनीतिक असहमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस का एक ही मत था कि सरकार से असहमति जताने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को खारिज किया है।

पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी निर्लज्ज हैं। उनको शर्म से डूब जाना चाहिए। राहुल गांधी हमेशा उन लोगों के साथ खड़ें रहते हैं जो देश को तोड़ने की बात करते हैं। संबित ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी राजनैतिक नहीं। आज उजागर होने वाले अर्बन नक्सल पहले भी कह चुके हैं कि उन्हें वित्तीय और कानूनी सहायता कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलती रही है।

पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कांग्रेस पार्टी की हार है। राहुल गांधी को इस फैसले के बाद शर्म से सिर झुका लेना चाहिए। राहुल अपनी राजनीति को परवान चढ़ाने के लिए देश की सुरक्षा को ताक पर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि किसी आरोपी को जांच एजेंसी का चुनाव करने का आधिकार नहीं है, जबकि इस मुद्दे पर अब तक राजनीति हो रही थी।

बता दें कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने 2:1 के बहुमत के फैसले से इन कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई के लिये इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य की याचिकायें ठुकरा दीं। बहुमत के फैसले में न्यायालय ने कहा कि आरोपी इस बात का चयन नहीं कर सकते कि मामले की जांच किस एजेन्सी को करनी चाहिए और यह सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नता का मामला नहीं है।

गिरफ्तार किये गये पांच कार्यकर्ता वरवरा राव, अरूण फरेरा, वर्नेन गोन्साल्विज, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा शीर्ष अदालत के आदेश पर 29 अगस्त से अपने-अपने घरों में नजरबंद हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने पिछले साल 31 दिसबंर को एलगार परिषद के आयोजन के बाद कोरेगांव-भीमा गांव में हुयी हिंसा के मामले में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में इन पांच कार्यकर्ताओं को 28 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Politics News in Hindi के लिए क्लिक करें भारत सेक्‍शन
Web Title: भीमा-कोरेगांव मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, कहा-निर्लज्ज राहुल गांधी नक्सलियों के साथ खड़े थे - Congress must now clear it's stand on this critical issue of Urban Naxalism: BJP
Write a comment