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सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वयंसेवकों को सक्रिय करेगा RSS: डॉ. मनमोहन वैद्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ समाज को साथ लेकर व समाज के सहयोग से काम करता है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: July 13, 2019 18:49 IST
vijayawada sah sarkaryavah manmohan vaidya pc- India TV
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ समाज को साथ लेकर व समाज के सहयोग से काम करता है। आगामी काल में संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक सामाजिक परिवर्तन (Social Transformation) के कार्य में सक्रिय हो, इसके लिए प्रयासों की गति बढ़ाएंगे। भारतीय मूल्यों व सांस्कृतिक जीवन पद्धति के आधार पर समाज में परिवर्तन हो, इसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक को जागरूक कर व प्रशिक्षण देकर सक्रिय किया जाएगा।

डॉ. वैद्य विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रांत प्रचारक बैठक के अंतिम दिन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ग्राम विकास के लिये कार्य कर रहे हैं, वर्तमान में देशभर में ग्राम विकास गतिविधि के प्रयासों से 300 गांवों में पूर्ण परिवर्तन हुआ है, और 1000 गांवों में कार्य चल रहा है। आर्गेनिक फार्मिंग व गौ संवर्धन, समाज में सद्भाव जागृत करने के लिए समरसता का कार्य, कुटुंब प्रबोधन का कार्य स्वयंसेवक कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान संघ के सरसंघचालक जी ने 100 प्रतिशत मतदान का आह्वान किया था। मतदान प्रतिशत बढ़ाने और राष्ट्रीय विषयों के आधार पर मतदान के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिए संघ के स्वयंसेवक भी जनजागरण अभियान में लगे थे। स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क किया, छोटी बैठकें कीं। देशभर में 5.5 लाख गांवों में से 4.5 लाख गांवों में स्वयंसेवकों ने संपर्क किया। संघ की रचना के अनुसार 56 हजार मंडल में से 50 हजार मंडलों तक संघ के स्वयंसेवक पहुंचे। जनजागरण अभियान में 11 लाख स्वयंसेवक एवं समाज के बंधु-भगिनी जुटे। इनमें एक लाख महिलाएं भी शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि समाज में संघ का स्वागत व समर्थन बढ़ रहा है। संघ से जुड़ने, संघ के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ी है। 7 दिन के प्राथमिक शिक्षण में प्रति वर्ष एक लाख से अधिक लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसी प्रकार वेबसाइट पर ज्वाइन आरएसएस के तहत मिलने वाली रिक्वेस्ट में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में पहले छः माह (जनवरी से जून तक) में 39760 रिक्वेस्ट प्राप्त हुई, 2016 में इसी कालावधि में 47200, वर्ष 2018 में 56892 तथा 2019 में 66835 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई है। इनमें अधिकांश 40 वर्ष तक की आयु के लोग हैं।

संघ ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई गतिविधि शुरू की है। और इसके लिए संघ शिक्षा वर्गों में अलग-अलग प्रयोग कर स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जल के न्यूनतम उपयोग से स्नानादि आवश्यक कार्य कर जल की बचत व विभिन्न माध्यमों से जल संरक्षण का प्रशिक्षण स्वयंसेवकों को दिया गया। सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने बताया कि जागरण पत्रिकाओं के माध्यम से 175000 गांवों में राष्ट्रीय विचार को पहुंचाने का कार्य चल रहा है। इस वर्ष प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में 12432 प्रतिभागी शामिल रहे, लगभग 80 स्थानों पर आयोजित संघ शिक्षा वर्गों में 17500 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक, अखिल भारतीय अधिकारी तथा विविध संगठनों के संगठन मंत्री उपस्थित हैं। प्रांत प्रचारक बैठक निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है। निर्णय लेने वाली बैठक कार्यकारी मंडल और प्रतिनिधि सभा की होती है। पत्रकार वार्ता में उनके साथ आंध्र प्रदेश के प्रांत संघचालक श्री श्रीनिवास राजू और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार भी उपस्थित थे।

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