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धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में मनाई गई पहली ईद, बच्चों ने लगाए 'भारत माता की जय' के नारे

भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद पूरा देश पहली ईद मना रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी ईद बहुत प्रेम के साथ मनाई गई।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: August 12, 2019 16:26 IST
बच्चों ने लगाए 'भारत माता की जय' के नारे- India TV
बच्चों ने लगाए 'भारत माता की जय' के नारे

जम्मू: भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद पूरा देश पहली ईद मना रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी ईद बहुत प्रेम के साथ मनाई गई। ईद की खुशी के बीच एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने सभी का दिल जीत लिया। दरअसल, जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर में ईद सेलिब्रेशन के दौरान कुछ बच्चों ने तिरंगा झंडा लहराते हुए 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। बता दें कि आरएसपुरा सेक्टर में जहां बच्चों ने 'भारत माता के नारे' लगाए हैं वहां से पास में ही इंटरनैशनल बॉर्डर है।

जम्मू के अलावा श्रीनगर और शोपियां में भी ईद का त्योहार अच्छे से मनाया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में लोग नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले। श्रीनगर और शोपियां में प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की गयी। प्रशासन ने सोमवार को कहा था कि लोगों को नमाज अदा करने के लिए पास की मस्जिदों में जाने की इजाजत होगी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘ घाटी के अनेक हिस्सों में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।’’

खबरों के अनुसार, अधिकारियों ने विभिन्न मस्जिदों में मिठाइयां भी बांटीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘अनंतनाग, बारामूला, बडगाम, बांदीपुर में बिना किसी अप्रिय घटना के सभी मस्जिदों में शांतिपूर्ण ढंग से ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई।’’ प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू के ईदगाह में 4,500 से अधिक लोगों ने नमाज अदा की। ईद-उल-अजहा के मौके पर घाटी में प्रतिबंधों में थोड़ी छूट दी गई थी, ताकि लोग त्योहार के लिए खरीदारी कर सकें।

बहरहाल, कश्मीर के सबसे बड़े त्योहारों में से एक ईद-उल- अजहा की रौनक इस बार नजर नहीं आ रही है। पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त करने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद से घाटी में कड़ी सुरक्षा है, आवाजाही पर प्रतिबंध है और संचार सुविधा बंद कर दी गयी है। इससे घाटी में जनजीवन प्रभावित है।

अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार जम्मू-कश्मीर में स्थिति की समीक्षा कर रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिबंधों से लोगों को कम से कम परेशानी हो। इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार ने कश्मीर घाटी में पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है और कुछ सामग्री घरों तक पहुंचाए जाने की व्यवस्था करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में शांति कायम रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले शुक्रवार को लोगों को पास की मस्जिदों में जाने और नमाज अदा करने की इजाजत दी गयी थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने की गत बुधवार को घोषणा की थी। उससे पहले इससे संबंधित प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों ने मंजूरी दी थी।

शनिवार को कोविंद ने जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने के संसद से पारित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। ये दोनों केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आ जायेंगे।

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