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सफदरजंग अस्पताल का रेडियोथेरैपी विभाग बंद, कैंसर मरीज लौटाए गए

नई दिल्ली: राजधानी के सफदरजंग अस्पताल के रेडियोथेरैपी विभाग को बंद कर दिया गया है क्योंकि परमाणु उर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने विकिरण सुरक्षा लाइसेंस का नवीकरण नहीं होने पर उसे बंद करने का आदेश

Bhasha [Updated:22 Nov 2015, 6:11 PM IST]
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सफदरजंग अस्पताल का रेडियोथेरैपी विभाग बंद, कैंसर मरीज लौटाए गए

नई दिल्ली: राजधानी के सफदरजंग अस्पताल के रेडियोथेरैपी विभाग को बंद कर दिया गया है क्योंकि परमाणु उर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने विकिरण सुरक्षा लाइसेंस का नवीकरण नहीं होने पर उसे बंद करने का आदेश दिया है। इससे कैंसर मरीजों का इलाज अचानक रोक दिया गया है।

सफदरजंग अस्पताल में सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा नियम लागू करने की जिम्मेदारी संभालने वाले एईआरबी ने एक नोटिस भेजकर आदेश दिया कि वह विकिरण थेरैपी के लिए नए मरीजों को भर्ती करना बंद करे।

अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा, एईआरबी का निर्देश रेडियोलॉजी सुरक्षा अधिकारी (आरएसओ) की गलती की वजह से आया जिसने ऑनलाइन की जगह पेपर आधारित आवेदन के जरिए नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। एईआरबी ने अब पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया अपना ली है।

उन्होंने कहा, ‘आरएसओ को अब दोबारा आवेदन करना होगा और इसके मंजूर हो जाने पर अस्पताल रेडिएशन थेरैपी के लिए मरीजों की भर्ती शुरू कर सकता है। अस्पताल को 18 नवंबर को नोटिस मिला।’

दिल्ली में कैंसर का इलाज करने वाले फिलहाल चार अस्पताल- सफदरजंग अस्पताल, एम्स, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और लोकनायक अस्पताल हैं।

एईआरबी के नोटिस में कहा गया है, आपके संस्थान में विकिरण थेरैपी के लिए कोई भी मरीज तत्काल प्रभाव रेडियोथेरैपी विभाग में भर्ती नहीं किया जाएगा। हालांकि अस्पताल को पहले से ही भर्ती मरीजों के रेडियो थेरैपी उपचार की अनुमति दी गई है। डॉक्टर ने बताया कि कल करीब 30 मरीज लौटा दिए गए और हफ्ते में 120 से अधिक मरीज विकिरण थेरैपी के लिए आते हैं।

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