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सबरीमला मुद्दे पर आदिवासियों का आरोप-सरकार हमारे सदियों पुराने रीति-रिवाज खत्म कर रही

आदिवासियों ने यह भी कहा कि सबरीमला मंदिर और इससे जुड़ी जगहों पर जनजातीय समुदायों के कई अधिकार सरकारी अधिकारियों और मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी के अधिकारियों द्वारा छीने जा रहे हैं।

Reported by: Bhasha [Published on:17 Oct 2018, 12:06 PM IST]
सबरीमला मुद्दे पर आदिवासियों का आरोप-सरकार हमारे सदियों पुराने रीति-रिवाज खत्म कर रही- India TV
सबरीमला मुद्दे पर आदिवासियों का आरोप-सरकार हमारे सदियों पुराने रीति-रिवाज खत्म कर रही

निलक्कल (केरल): सबरीमला की आसपास की पहाड़ियों पर रहने वाले आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि सरकार और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर सदियों पुरानी प्रथा को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रजस्वला लड़कियों और महिलाओं पर लगी बंदिशें केरल के जंगलों में रहने वाले आदिवासी समाजों के रीति-रिवाज का हिस्सा हैं।

आदिवासियों ने यह भी कहा कि सबरीमला मंदिर और इससे जुड़ी जगहों पर जनजातीय समुदायों के कई अधिकार सरकारी अधिकारियों और मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी के अधिकारियों द्वारा छीने जा रहे हैं। अट्टाथोडू इलाके में आदिवासियों के मुखिया वी के नारायणन (70) ने कहा, ‘‘देवस्वोम बोर्ड ने सबरीमला के आसपास की विभिन्न पहाड़ियों में स्थित आदिवासी देवस्थानों पर भी नियंत्रण कर लिया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी मंदिर से जुड़े सदियों पुराने जनजातीय रीति-रिवाजों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। नारायणन ने कहा, ‘‘मेरी त्वचा को देखिए। हम आदिवासी हैं। जिन संस्थाओं पर हमारे रीति-रिवाजों के संरक्षण की जिम्मेदारी है, वही उन्हें खत्म कर रहे हैं।’’ यहां आदिवासियों के मुखिया को ‘मूप्पेन’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि रजस्वला लड़कियों और महिलाओं को अशुद्ध मानना एक द्रविड़िय रिवाज है और आदिवासी लोगों द्वारा प्रकृति की पूजा से जुड़ा है।

सबरीमला आचार संरक्षण समिति के प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे नारायणन ने कहा, ‘‘भगवान अयप्पा हमारे भगवान हैं। किसी खास आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हमारे रीति-रिवाज का हिस्सा है। घने जंगलों में स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में पूजा करने के लिए रीति-रिवाजों का पालन करना बहुत जरूरी है। इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अशुद्ध महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं देनी चाहिए।’’

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Web Title: सबरीमला मुद्दे पर आदिवासियों का आरोप-सरकार हमारे सदियों पुराने रीति-रिवाज खत्म कर रही - Sabarimala issue: Tribals allege govt trying to demolish centuries-old customs
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