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जानिए, राजस्थान में बेरोजगारी के आंकड़े, राज्य सरकार के वादों की निकली हवा

राजस्थान में लोकसभा चुनावों में बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं को रिझाने की कोशिश की थी। मैनिफेस्टो से लेकर हर चुनावी भाषण मे राहुल गाधी से लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने ये दावा किया था कि राजस्थान में सरकार आते ही बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा और बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा।

Manish Bhattacharya Manish Bhattacharya
Updated on: June 04, 2019 16:30 IST
Rajasthan government has failed to generate and fill the vacant jobs in government sectors- India TV
Rajasthan government has failed to generate and fill the vacant jobs in government sectors.

जयपुर: राजस्थान में लोकसभा चुनावों में बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं को रिझाने की कोशिश की थी। मैनिफेस्टो से लेकर हर चुनावी भाषण मे राहुल गाधी से लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने ये दावा किया था कि राजस्थान में सरकार आते ही बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा और बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा। लेकिन, छह महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है और कांग्रेस के चुनावी वायदों की हवा निकल गई है। 

राज्य में अभी तक ना वायदा पूरा हुआ और ना ही पुरानी भर्तियों पर काम हुआ। आलम तो ये है कि राज्य सरकार में ही डेढ लाख से ज्यादा के पद खाली पडे़ हुए हैं और सरकार के नेता बहाने करने में जुटे हैं। चुनावों के समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अधिकांश नेताओं ने केन्द्र सरकार मे रिक्त 24 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती को लेकर युवाओं को अपनी तरफ खींचने की कोशिश की थी। 

कांग्रस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में जिक्र भी किया कि केन्द्र में उनकी सरकार आई तो अगले साल 31 मार्च तक भर्तियां पूरी हो जाएंगी। लेकिन ना चुनावों में जीत मिली और ना ही प्रदेश में सरकार ने किए हुए वायदों को पूरा किया। हम ये सब क्यों कह रहे हैं क्योंकि हमारे पास वो आंकड़े हैं जो हमें ये कहने को मजबूर कर रहे हैं। आप भी पढ़िए कि आखिर राज्य में कितनी नौकरियों के लिए पद खाली पड़े हैं।

राजस्थान में कुल 38 बड़े विभागो मे 7 लाख 94 हजार 183 पद स्वीकृत हैं, इनमे 1 लाख 56,466 पद खाली पड़े हैं। राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल में तो 33 साल से भर्ती का इंतजार है। कुछ विभागों की जानकारी नीचे बने टेबर में दी गई है, पढ़िए-

विभाग पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त पद
प्रारंभिक शिक्षा विभाग 205299 177289 28010
माध्यमिक शिक्षा विभाग 242024 204515 37509
पुलिस विभाग 107536 102060 5476
बिजली कंपनियां 30000 25000 5000
चिकित्सा विभाग 99189 64448 34741
पाठ्य पुस्तक मंडल 300 96 204
संस्कृत शिक्षा 12514 7523 4991
काँलेज शिक्षा 10923 62678 4655
सूचना एवं प्रौद्योगिकी 8124 5189 2935
कृषि विभाग 10196 7214 2982
पशुपालन निदेशालय 20532 10999 9533
गृह रक्षा विभाग 877 450 427
वाणिज्यकर विभाग 4185 2681 1504
जयपुर विकास प्राधीकरण 1977 950 1073
स्टेट साईंस एंड मिनरल 2269 1409 860
कारखाना बाँयलर्स 212 124 88
तकनीकि शिक्षा निदेशालय 2712 2108 604
अल्पसंख्यक मामलात 305 195 110
श्रम विभाग 628 279 349

चुनाव से एन वक्त पहले सरकार ने पुलिस कांस्टेबल के 11 हजार पदों पर भर्ती का एलान किया था। लेकिन, गहलोत सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया। (पदो की स्थिति वार्षिक प्रतिवेदन के आधार पर है इसमे से कुछ विभागो की भर्तियां प्रक्रियाधीन है) ऐसी स्थिति में तमाम बेरोजगार उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। 

बेरोजगार युवाओं का कहना है कि पिछली सरकार मे जो भर्तियां निकलीं वो अभी तक पूरी नही हो पाई हैं। चुनाव से पहले जो वायदा किया था कि बेरोजगारी भत्ता मिलेगा सरकार आने के बाद ना वायदा पूरा किया गया और ना ही नौकरी दी गई। वहीं, बेरोजगारी के मुद्दे पर सांसद हनुमान बेनिवाल का कहना है कि इस मुद्दे पर वह शुरुआत से ही जद्दो जहद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘सरकार आने से पहले गहलोत सरकार ने भी वायदा किया था लेकिन अब बेरोजगार खुद को ठगा महसूस कर रहे है। सरकार में आऩे से पहले कांग्रेस ने वायदे तो तमाम कर लिए लेकिन इनको पूरा करने के लिए सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ये युवाओं और प्रदेश के भविष्य के लिए बड़ी चिंता का वश्य पर हैं।

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