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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निभाई अच्छे मेजबान की भूमिका, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कराई महाबलीपुरम की सैर

बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल को निहारते सातवीं सदी के पंच रथ स्मारक की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नारियल पानी का आनंद लिया और कश्मीर मामले पर तनावपूर्ण हुए द्विपक्षीय संबंधों को सहज बनाते हुए अनौपचारिक बातचीत की।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: October 11, 2019 20:48 IST
Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi...- India TV
Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

मामल्लापुरम (तमिलनाडु): बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल को निहारते सातवीं सदी के पंच रथ स्मारक की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नारियल पानी का आनंद लिया और कश्मीर मामले पर तनावपूर्ण हुए द्विपक्षीय संबंधों को सहज बनाते हुए अनौपचारिक बातचीत की। पारम्परिक तमिल परिधान धोती, सफेद कमीज और अंगवस्त्रम पहने मोदी ने अच्छे मेजबान की भूमिका निभाते हुए शी को विश्व प्रसिद्ध धरोहरों अर्जुन तपस्या स्मारक, नवनीत पिंड (कृष्णाज बटरबॉल), पंच रथ और शोर मंदिर के दर्शन कराए। 

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प्रधानमंत्री ने सफेद कमीज और काली पतलून पहने शी को इन स्मारकों के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। शी चीन के फुजियांग प्रांत के साथ ऐतिहासिक रूप से जुड़े पल्लव वंश के दौरान निर्मित सातवीं सदी के इन स्मारकों में काफी रुचि लेते प्रतीत हुए। मोदी और शी के साथ एक-एक अनुवादक भी थे। दोनों पंच रथ परिसर में करीब 15 मिनट बैठे और उन्होंने नारियल पानी पीते हुए गहन वार्ता की। इस बैठक की तस्वीरों में दो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच गर्मजोशी और तालमेल दिखा। 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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दोनों नेता ‘पंच रथ’ से पल्लव वंश की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शोर मंदिर गए जिसकी रोशनी देखते ही बन रही थी। वहां कुछ समय बिताने के बाद मोदी और शी के साथ दोनों पक्षों के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल भी वहां आ गए। इसके कुछ मिनट बाद दोनों देशों ने शोर मंदिर की पृष्ठभूमि में एक सांस्कृतिक प्रस्तुति का आनंद लिया। इससे पहले, मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए यहां पहुंचे शी का चेन्नई में भव्य स्वागत किया गया। शी के यहां हवाईअड्डे पर पहुंचने पर तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने उनका स्वागत किया। शी के ‘एयर चाइना बोइंग 747’ विमान से भारत पहुंचने के कुछ ही देर बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति शी चिनफिंग, आपका भारत में स्वागत है।’’ 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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शी के साथ चीनी विदेश मंत्री वांग यी, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य डिंग शुएशियांग और स्टेट काउंसलर यांग जिएची समेत 90 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा। शी के स्वागत में हवाईअड्डे पर एक छोटे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत को दिखाया गया। शी के चेन्नई हवाईअड्डे पर उतरने के कुछ ही देर बात सरकारी सूत्रों ने कहा कि दोनों नेता शनिवार को शिखर वार्ता के समापन के बाद कुछ निर्देश जारी कर सकते हैं। उन्होंने पिछले साल चीन के वुहान में भी पहली शिखर वार्ता के बाद ऐसा ही किया था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच करीब छह घंटे बातचीत होगी। 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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मोदी और शी शनिवार सुबह आमने-सामने की बातचीत करेंगे, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इसके बाद दोनों पक्ष शिखर वार्ता के परिणाम पर अलग-अलग बयान जारी करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा, ‘‘दोनों पक्ष जानते हैं कि इन संबंधों पर काफी कुछ टिका है और यह इस बात से पता चलता है कि शिखर वार्ता के स्थगित होने को लेकर हालिया सप्ताह में लगाई गई अटकलों के बावजूद यह वार्ता पूर्व निर्धारित समय पर ही हुई।’’ चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि अनौपचारिक शिखर वार्ता से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास की दिशा पर दिशानिर्देशक सिद्धांत समेत नयी आम-सहमतियां उभर सकती हैं। मोदी और चिनफिंग की अनौपचारिक शिखर वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब करीब दो महीने पहले ही भारत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को वापस लेकर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट चुका है। 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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पाकिस्तान के करीबी सहयोगी चीन ने भारत के इस कदम की आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी इस विषय को उठाया था। राष्ट्रपति चिनफिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बातचीत के बाद बुधवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया था कि चीन कश्मीर में हालात पर करीब से नजर रख रहा है और इसका संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर उचित तरीके से एवं शांति से समाधान निकाला जाना चाहिए।

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की सतत और स्पष्ट स्थिति रही है कि जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और चीन इस संबंध में नयी दिल्ली के रुख से भली भांति वाकिफ है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत का कोई सवाल नहीं उठता क्योंकि यह भारत का संप्रभु मामला है। हालांकि उन्होंने बताया कि इस मामले में यदि कोई प्रश्न उठता है तो मोदी चीनी राष्ट्रपति को जानकारी देंगे। 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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दोनों पक्षों के अधिकारियों ने कहा कि दोनों नेता व्यापार संबंधों के विस्तार के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि करीब 3500 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा पर अमन-चैन बनाये रखने के तरीकों, राजनीतिक संबंधों और व्यापार पर वार्ता में ध्यान दिया जा सकता है। दोनों नेताओं की पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता अप्रैल 2018 में चीन के शहर वुहान में हुई थी। इससे कुछ महीने पहले ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच डोकलाम में गतिरोध की स्थिति रही थी। 

Prime Minister Narendra Modi with Chinese President Xi Jinping

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सामरिक मामलों के विशेषज्ञ अशोक कंठ के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को शिखर वार्ता में विवादास्पद मुद्दों से आगे बढ़ने तथा कश्मीर मामले से दोनों देशों के संबंधों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ने देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। चीन के फुजियान प्रांत से मजबूत कारोबारी संबंध रखने वाले मामल्लापुरम शहर को इस आयोजन के लिए सजाया-संवारा गया है तथा सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रखी गयी है। हालांकि इससे स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है।

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