1. You Are At:
  2. होम
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. महाराष्ट्र स्थापना दिवस: देश के विकास का इंजन, कुछ ऐसा रहा इतिहास

महाराष्ट्र स्थापना दिवस: देश के विकास का इंजन, कुछ ऐसा रहा इतिहास

सत्रहवीं शताब्दी में शिवा जी के प्रभावशाली बनने के बाद आधुनिक मराठा राज्य का उदय हुआ। शिवाजी ने बिखरी ताकतों को एकजुट कर शक्तिशाली सैन्य बल का संगठन किया...

Written by: IndiaTV Hindi Desk [Published on:30 Apr 2018, 2:29 PM IST]
maharashtra day- India TV
maharashtra day

जितेन्द्र सिंह-

एक मई 1960 को महाराष्ट्र पृथक राज्य बना। महाराष्ट्र का इतिहास काफी पुराना है। इसके लिखित इतिहास के अनुसार सबसे पहले इस राज्य में सातावाहन राजवंश और उसके बाद वाकाटक वंश का राज्य रहा है। इसके पश्चात इस क्षेत्र पर कलचुरी, चालुक्य, यादव, दिल्ली के खिलजी और बहमिनी वंशों ने शासन किया। इसके बाद केंद्रीय सत्ता बिखरकर छोटी-छोटी सल्तनतों में बदल गई।

सत्रहवीं शताब्दी में शिवा जी के प्रभावशाली बनने के बाद आधुनिक मराठा राज्य का उदय हुआ। शिवाजी ने बिखरी ताकतों को एकजुट कर शक्तिशाली सैन्य बल का संगठन किया। इस सेना की मदद से मुगलों को दक्षिण के पठार से आगे बढ़ने से रोका लेकिन शिवाजी की मृत्यु के बाद मराठा शक्ति बिखरने लगी। शिवाजी के उत्तराधिकारियों की विफलता के कारण पेशावओं ने सत्ता पर अधिकार कर लिया। सन 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई के बाद मराठा शक्ति पूरी तरह से बिखर गई। अंततः 1818 तक अंग्रेजों ने सम्पूर्ण मराठा क्षेत्र पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया। फिर से 1875 में नाना साहब के सैनिकों ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधी और तिलक ने महाराष्ट्र के लोगों को सक्षम नेतृत्व प्रदान किया।

स्थापना: स्वंत्रता प्राप्ति के बाद बम्बई प्रान्त में महाराष्ट्र और गुजरात शामिल थे। जब महाराष्ट्र और गुजरात के गठन का प्रस्ताव आया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मुंबई को अलग केन्द्रशासित राज्य बनाने की वकालत की। उनका तर्क था कि अगर मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बने रहना है तो इसे केन्द्रशासित करना आवश्यक है लेकिन नेहरू की एक न चली। देश के पहले वित्त मंत्री और वित्त विशेषज्ञ चिंतामणि देशमुख ने इसका जमकर विरोध किया और इसी मुद्दे पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। बाद में बम्बई पुनर्गठन अधिनियम 1960 के अंतर्गत एक मई 1960 को इस सम्मलित प्रान्त को महाराष्ट्र और गुजरात नामक दो प्रथक राज्यों में बांट दिया गया। पुराने बम्बई राज्य की राजधानी नए महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बन गई। सन 1995 में बम्बई का नाम बदलकर मुम्बई कर दिया गया।

भौगोलिक संरचना: अगर महाराष्ट्र के भौगोलिक क्षेत्र में नजर डालें तो महाराष्ट्र देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य के पश्चिम में अरब सागर, दक्षिण में कर्नाटक दक्षिण पूर्व में आंध्र प्रदेश और गोवा, उत्तर पशिम में गुजरात और उत्तर में मध्य प्रदेश स्थित है। महाराष्ट्र का तटीय मैदानी भाग कोंकण कहलाता है। कोंकण के पूर्व में सह्याद्री की पड़ी श्रृंखला सागर के समांतर स्थित है। आज महाराष्ट्र में विधानसभा की सीटें 288, विधान परिषद् की सीटें 78 लोकसभा की सीटें 48 और राज्य सभा की 19 सीटें हैं। महाराष्ट्र में 36 जिले हैं।

राजनीतिक हलचल: राजनीतिक रूप से महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी मुख्य राजनीतिक दल है। इसके अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, समाजवादी पार्टी, बसपा, बहुजन विकास अघाड़ी, रिपब्लिकल पार्टी ऑफ इंडिया समेत कई राजनीतिक दल हैं। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र में शासन किया। जिसे अघाड़ी सरकार कहा जाता है। इसके बाद वर्तमान में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई है लेकिन इस समय शिवसेना और बीजेपी में जमकर तनातनी चल रही है। हाल ही में कोंकण में रिफाइनरी मुद्दे पर तो शिवसेना और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं।

फिलहाल महाराष्ट्र मंबई की वजह से बीमारु राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों की अपेक्षा तेजी से विकास करता हुआ राज्य है। यहीं पर देश के बड़े औद्योगिक घरानों के मुख्यालय और निवास हैं। मुंबई ही एक ऐसा शहर है जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे तमाम राज्यों को रोजगार प्रदान किए हुए है। 

इंडिया टीवी 'फ्री टू एयर' न्यूज चैनल है, चैनल देखने के लिए आपको पैसे नहीं देने होंगे, यदि आप इसे मुफ्त में नहीं देख पा रहे हैं तो अपने सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
Write a comment
pulwama-attack
australia-tour-of-india-2019