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इंद्राणी ने शीना के अकाउंट से ईमेल भेजा ताकि लोगों को लगे कि वह जिंदा है: CBI

मुंबई: अपनी बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर हत्या करने के करीब एक साल बाद भी इंद्राणी मुखर्जी चाहती थी कि उनके पति पीटर मुखर्जी माने कि वह न तो इस लड़की की मां

Bhasha [Updated:22 Nov 2015, 7:19 PM IST]
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इंद्राणी ने शीना के अकाउंट से भेजा ईमेल: CBI

मुंबई: अपनी बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर हत्या करने के करीब एक साल बाद भी इंद्राणी मुखर्जी चाहती थी कि उनके पति पीटर मुखर्जी माने कि वह न तो इस लड़की की मां है, न ही बहन और शीना जीवित है इसीलिए उसने शीना के ईमेल अकाउंट से मेल किये थे।

इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल किए गए आरोपपत्र के मुताबिक शीना के अकाउंट से पीटर मुखर्जी को इंद्राणी द्वारा भेजे गए एक ईमेल में पीटर को यही समझाने की कोशिश की गई थी। स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ मुखर्जी को हत्या के सिलसिले में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था।

14 मार्च 2013 को पीटर को भेजे गए मेल में कहा गया है, आपको यह बहुत अजीबो गरीब लग सकता है लेकिन यही सच्चाई है। इंद्राणी न तो मेरी बहन है ना ही मेरी मां बल्कि एक नेक दिल इंसान है जो कुछ दिन पहले हमारी जिंदगी में आई थी।

बृहस्पतिवार को दाखिल किए गए आरोपपत्र के मुताबिक जांच एजेंसी सूत्रों ने बताया है कि यह ईमेल उन कई मेल में शामिल है जिसे इंद्राणी ने लोगों को यह यकीन दिलाने के लिए भेजा था कि शीना जीवित है।

इंद्राणी मुखर्जी की वकील गुंजन मंगला से संपर्क नहीं हो सका, जबकि उनके पूर्व पति एवं आरोपी संजीव खन्ना के वकील श्रेयांश मिठारे ने बताया कि उन्हेंने अभी आरोपपत्र पढ़े नहीं है।

मिठारे ने बताया, ‘मुझे अभी आरोपपत्र का अध्ययन करना है। इसलिए मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता।’ पीटर के वकील निरंजन मुंदेरगी ने यह भी बताया कि उन्होंने वह मेल नहीं देखा है इसलिए टिप्पणी नहीं कर सकते। यह मेल कथित तौर पर शीना के अकाउंट से भेजा गया था जिसमें कहा गया है कि उसके नाना-नानी की एक बेटी है जिसका नाम भी इंद्राणी है।

यह बताया गया है कि उसकी मां (इंद्राणी बोरा) के शीना और मिखाइल नाम की दो संतानें उस व्यक्ति से जन्मीं हैं जिसके साथ वह भाग गई थी क्योंकि परिवार ने उनके संबंधों को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया था। मेल में कहा गया है, कुछ साल संघर्ष करने के बाद और जरूरतों को पूरा कर पाने में परेशानी होने के बाद वे (इंद्राणी बोरा और उनके पति) ने घर लौटने का फैसला किया, उस वक्त मेरी मां के गर्भ में मिखाइल था।

ईमेल के मुताबिक शीना के पिता एक निचली जाति से थे और आर्थिक रूप से एक मजबूत परिवार से नहीं थे। उसके (इंद्रणी के) लौटने पर घर में उसके साथ बुरा सलूक किया गया जिस पर उसने घर छोड़ दिया। मेल में यह भी बताया गया है कि 1991 में जब असम हिंसा के दौर से गुजर रहा था और कई अपहरण हो रहे थे, तभी शीना का एक करीबी रिश्तेदार एक छोटी बच्ची को अचेत हालत में घर लाया जो घायल थी।

मेल में कहा गया है, मैं उस वक्त इतनी छोटी थी कि मैं इसे कभी नहीं समझ सकी कि और नहीं जान सकी कि वह कौन है और कहां से आई। इसमें आगे कहा गया है कि लाई गई लड़की को वहां से कहीं दूर ले जाया गया और फिर वह दोबारा नहीं दिखी।

पीटर को लिखे मेल में कहा गया है, आपकी पत्नी इंद्राणी वह लड़की थी जिसे अचेत हालत में हमारे घर लाया गया था। मेल में यह भी कहा गया है कि लड़की (जिसे लाया गया था) उसकी इंद्राणी नाम से 1991 में एक नई पहचान तैयार की गई। वह लड़की इंद्राणी बोरा की पहचान से स्वीकार की जाने लगी।

वह (इंद्राणी) संजीव खन्ना (अपने पूर्व पति) से उस परिवार के जरिए मिली जिसके साथ वह रही थी और उन्होंने अगले कुछ साल में शादी कर ली। जब उसके (संजीव के) परिवार ने मेरे नाना नानी से संपर्क किया तब उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि वह झगड़ा कर घर छोड़ चुकी है और ऐसा करना किसी लड़की के लिए शर्मनाक है लेकिन वह उनकी बेटी नहीं है।

मेल में यह भी कहा गया है कि शीना ने सूचना के लिए खन्ना से संपर्क किया लेकिन उसने उसे इंद्राणी और विधि (संजीव खन्ना से हुई इंद्राणी की बेटी) से दूर रहने की चेतावनी दी।

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Web Title: इंद्राणी ने शीना के अकाउंट से ईमेल भेजा ताकि लोगों को लगे कि वह जिंदा है: CBI
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