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पहली बार भारत करेगा तालिबान से बात, रूस ने बुलाई बैठक

रूसी समाचार एजेंसी 'तास' के मुताबिक यह दूसरा मौका है, जब रूस युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान में शांति लाने के तरीकों की तलाश करते समय क्षेत्रीय शक्तियों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: November 09, 2018 7:04 IST
पहली बार भारत करेगा तालिबान से बात, रूस ने बुलाई बैठक- India TV
पहली बार भारत करेगा तालिबान से बात, रूस ने बुलाई बैठक

नई दिल्ली: अफगानिस्तान मुद्दे पर शुक्रवार को रूस में होने वाली बैठक में भारत भी शामिल होगा। अफगानिस्तान पर रूस द्वारा आयोजित बैठक में तालिबान के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। हालांकि भारत की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि यह उसकी हिस्सेदारी 'अनाधिकारिक' स्तर पर होगी। सरकार ने इसके साथ ही भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि शांति के सभी प्रयासों का नेतृत्व और नियंत्रण अफगान लोगों के हाथ में होने चाहिए। यह पहली बार होगा जब भारत तालिबान के साथ मंच साझा करेगा। भारत की ओर से इस बैठक में रिटायर्ड डिप्लोमैट टीसीए राघवन और अमर सिन्हा भाग लेंगे।

बैठक में भारत की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बैठक में हमारी भागीदारी गैर-आधिकारिक स्तर पर होगी। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में शांति और सुलह के सभी प्रयासों का समर्थन करता है, जो एकता और बहुलता को बनाए रखेगा तथा देश में स्थिरता और समृद्धि लाएगा। 

रवीश कुमार ने जोर दिया कि भारत की सतत नीति यह रही है कि इस तरह के प्रयास अफगान-नेतृत्व में, अफगान-स्वामित्व वाले और अफगान-नियंत्रित तथा अफगानिस्तान सरकार की भागीदारी के साथ होने चाहिए।

रूसी समाचार एजेंसी 'तास' के मुताबिक यह दूसरा मौका है, जब रूस युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान में शांति लाने के तरीकों की तलाश करते समय क्षेत्रीय शक्तियों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है। इस प्रकार की पहली बैठक इसी साल चार सितंबर को प्रस्तावित थी लेकिन आखिरी समय में इसे रद्द कर दिया गया था। उस समय अफगान सरकार बैठक से हट गई थी।

मॉस्को की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति ने कहा गया, 'पहली बार दोहा स्थित तालिबान मूवमेंट के राजनीतिक दफ्तर से एक दल भाग ले रहा है।' हालांकि अफगान सरकार इसमें सीधे तौर पर भाग नहीं ले रही है लेकिन देश की हाई पीस काउंसिल इसमें भाग ले सकती है। रूसी उच्चायोग ने कहा है कि वह भारत और अन्य देशों का स्वागत करता है और शांति प्रक्रिया में भारत के प्रयासों का समर्थन करता है।

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