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सरकार का ध्यान राष्ट्रीय महत्व मुद्दों और जन-समस्याओं के समाधान पर केंद्रित : पीएम मोदी

 ‘‘ सरकार का ध्यान राष्ट्रीय महत्व से जुड़े विषयों एवं लोगों की समस्याओं के समाधान पर केंद्रीत है। देश हम सभी से अपेक्षा करता है कि सांसद सकारात्मक ढंग से अपने दायित्वों का निर्वाह करें और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में योगदान करें।’’ 

Bhasha Bhasha
Published on: January 31, 2019 20:41 IST
All party meeting- India TV
Image Source : PTI All party meeting

नयी दिल्ली: राजग सरकार के तहत संसद के अंतिम सत्र के दौरान विभिन्न दलों ने अंतरिम बजट सहित जन कल्याण एवं राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर सारगर्भित चर्चा की उम्मीद जतायी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान राष्ट्रीय महत्व से जुड़े विषयों एवं लोगों की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है। सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान विभिन्न दलो के नेताओं ने सरकार के समक्ष अनेक विषयों को उठाया। 

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से उठाये गए मुद्दों को पूरा तवज्जो दिया जायेगा। मोदी ने कहा, ‘‘ सरकार का ध्यान राष्ट्रीय महत्व से जुड़े विषयों एवं लोगों की समस्याओं के समाधान पर केंद्रीत है। देश हम सभी से अपेक्षा करता है कि सांसद सकारात्मक ढंग से अपने दायित्वों का निर्वाह करें और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में योगदान करें।’’ 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को इस बात से अवगत कराया है कि सरकार शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश करेगी। आजाद ने कहा कि विपक्ष ने सरकार से कहा है कि बजट सत्र में गैरविवादित विधेयकों को ही पारित कराने के लिए लाए। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सभी दलों से आग्रह किया है कि वे संसद के दोनों सदनों में सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने में सहयोग करें और सरकार नियमों के तहत राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा को तैयार है। 

उन्होंने कहा कि सभी दलों में इस बात को लेकर आमराय थी कि संसद का कामकाज बिना किसी तरह के व्यवधान के चलना चाहिए तथा गतिरोध को सकारात्मक चर्चा के जरिये निपटाया जाना चाहिए। बजट शुक्रवार को पेश किया जाना है। यह 16वीं लोकसभा का आखिरी बजट सत्र है। 

सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें सिर्फ उन विधेयकों को लाना चाहिए जो विवादित नहीं हैं और जिन पर सबकी सहमति है।’’ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सुझाव दिया कि अगर सरकार विवादित विधेयकों पर जोर देती है तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना मुश्किल होगा। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी कहा कि सरकार को इस सत्र में विवादित विधेयक नहीं लाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई के रूप में ‘साझेदार’ मिल गया है। 

बजट सत्र की शुरूआज आज संसद के दोंनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई । शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया जायेगा । बजट सत्र 13 फरवरी तक चलेगा । इस सत्र के दौरान 10 बैठकें होंगी । सत्र के दौरान कई अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक पारित कराने का सरकार प्रयास करेगी । इसमें मुस्लिम महिला विवाह के अधिकार की सुरक्षा अध्यादेश 2019, भारतीय मेडिकल काउंसिल संशोधन अध्यादेश 2019, कंपनी संशोधन अध्यादेश 2019 शामिल है। 

इसके अलावा सत्र के दौरान किशोर : बालकों की देखरेख एवं सुरक्षा : संशोधन 2018, मानव तस्करी की रोकथाम संबंधी विधेयक , आधार संबंधी संशोधन विधेयक , उपभोक्ता संरक्षण विधेयक , डीएनए प्रौद्योगिकी नियमन विधेयक , राष्ट्रीय मेडिकल आयोग विधेयक , नागरिकता संशोधन विधेयक भी पारित कराने का प्रयास किया जायेगा । बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह , संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल , अर्जुन राम मेघवाल आदि ने भी हिस्सा लिया

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