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Video: डॉक्टर, इंजीनियर को बनना है कॉन्स्टेबल, देश से प्यार या बेरोजगारी की मार?

मुंबई: डॉक्टर, इंजीनियर और वकील महाराष्ट्र पुलिस में अब पुलिस कॉन्स्टेबल बनेंगे। महाराष्ट्र पुलिस में सिपाही के लिए होने जा रही परीक्षा में बड़े पैमाने पर मेडिकल, इंजीनियर और हायर स्टडीज कर चुके लोगों ने

India TV News Desk [Updated:20 Mar 2016, 7:14 PM IST]
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मुंबई: डॉक्टर, इंजीनियर और वकील महाराष्ट्र पुलिस में अब पुलिस कॉन्स्टेबल बनेंगे। महाराष्ट्र पुलिस में सिपाही के लिए होने जा रही परीक्षा में बड़े पैमाने पर मेडिकल, इंजीनियर और हायर स्टडीज कर चुके लोगों ने आवेदन किया है जबकि परीक्षा की न्यूनतम योग्यता बाहरवीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों इंजीनियर और डॉक्टर पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं या वजह कुछ और है।

डॉक्टर को बनना है कॉन्स्टेबल

इरबा तोतेवाड पेशे से डॉक्टर हैं और इनके पास BAMS की डिग्री है। आयुर्वेदिक कॉलेज से इरबा ने डॉक्टर की डिग्री ली है। इरबा महाराष्ट्र के नादेड में प्रैक्टिस करते हैं लेकिन अब वो डॉक्टरी छोड़कर महाराष्ट्र पुलिस में जाना चाहते हैं। इरबा ने महाराष्ट्र पुलिस में सिपाही के पद के लिए आवेदन किया है 29 मार्च को वो इस परीक्षा को देने वाले हैं।

नौकरी दिलाने में बड़ी डिग्री नाकाम

कल्याण की रुपाली गान्गुदे भी महाराष्ट्र पुलिस में  सिपाही के पद की परीक्षा देने जा रही है जबकि रुपाली ने बिजनेस मैनेजमेंट स्टडीज में बैचलर की डिग्री फर्स्ट डिवीजन से पास की है। बिजनेस की पढ़ाई करने के बाद जब रुपाली को नौकरी नहीं मिली तो सरकारी नौकरी में भविष्य सुरक्षित है, लिहाजा उसने भी पुलिस में सिपाही के पद के लिए आवेदन कर दिया लेकिन सवाल ये है कि इरबा डॉक्टरी क्यों छोड़ना चाहते हैं, क्यों रूपाली बिजनेस स्टडीज करने के बाद पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं। क्या देश की सेवा करने का जज्बा इन्हें पुलिस की नौकरी करने के लिए आकर्षित कर रहा है या कुछ और वजह है।

देश से प्यार या बेरोजगारी की मार?

बता दें कि इसकी सबसे बड़ी वजह है बेरोजगारी। देश में बेरोजगारी का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और हाइर स्टडीज कर चुके लोग पुलिस में सिपाही की नौकरी तक करने को मजबूर है, रुपाली और इरबा इसके उदाहरण हैं।

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