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डेरे के अनुयायियों ने खोले राम रहीम-हनीप्रीत के राज़, पुलिस और सरकारी अधिकारियों की हत्या की थी योजना

सवाल तो ये है कि पंचकूला हिंसा की प्लानिंग कहां हुई और पैसा कहां से आया? डेरा समर्थकों के पास हथियार कहां से आए? आगजनी के लिए उन्हें पेट्रोल बम किसने दिए? हनीप्रीत तो राम रहीम के साथ थी तो डेरा समर्थकों को आदेश कौन दे रहा था? बलात्कारी राम रहीम को सज

India TV News Desk India TV News Desk
Published on: November 10, 2017 12:40 IST
ram-rahim-honeypreet- India TV
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नई दिल्ली: राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के बारे में ऐसी खबर है जिसे सुन कर आपको यकीन नहीं होगा। सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि पंचकूला हिंसा की साजिश के सारे राज खुल गए हैं। दावा ये किया जा रहा है कि हनीप्रीत ने डेरे के अनुयायियों को हिंसा के लिए न सिर्फ भड़काया बल्कि पैसे भी दिए। वायरल खबर के मुताबिक हनीप्रीत ने डेरे के अनुयायियों से ये अपील की थी कि अगर राम रहीम को जेल भेजा जाता है तो सभी को जान देने और कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना है। डेरे के अनुयायियों को ये निर्देश दिया गया था कि बाबा को सजा मिलने के बाद चुप नहीं बैठना है। अगर सरकार के नुमाइंदों और पुलिसवालों को जान मारना पड़े तो हिचकना नहीं।

दावा ये भी किया जा रहा है कि पंचकुला हिंसा की साजिश हनीप्रीत और डाक्टर आदित्य इंसा ने रची थी। और डेरे में फैसला होने के बाद इन दोनों ने पंचकूला जाकर एक एक इलाके का मुआयना किया था और पूरे शहर को आग में झोंकने की प्लानिंग की थी। इतना ही नहीं, हनीप्रीत ने पंचकूला हिंसा के दंगाईयों को पैसे भी दिए थे। वायरल खबर के मुताबिक हनीप्रीत चाहती थी कि राम रहीम को सजा मिलने के बाद सरकार और पूरे देश को ये संदेश जाना चाहिए कि मैसेंजर ऑफ गॉड को सजा देने का अंजाम क्या होता है। पुलिस की रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है कि डेरा मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य और हनीप्रीत ने डेरे में आयोजित मजलिशों में 17 से 24 अगस्त तक अनुयायियों को भाषण देते रहे कि 'यदि बाबा गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अदालत का फैसला आया तो सभी अनुयायियों को चुप नहीं बैठना है, फैसले के विरोध में सरकार का जितना नुकसान किया जा सकता है वो करना है।

सोशल मीडिया में ये भी दावा किया जा रहा है कि पंचकुला हिंसा की तैयारी पहले ही हो चुकी थी। डेरे के अनुयायी हथियार से लैस होकर पंचकूला पहुंचे थे। यही वजह है कि जैसे ही अदालत का फैसला आया तो हजारो अनुयायी डंडे कुल्हाड़ी गंडासे और पेट्रोल बम लेकर सड़कों पर निकल पड़े और पंचकूला में कोरहाम मचा दिया। पंचकूला हिंसा की तैयारी पुख्ता थी। इसके लिए अलग अलग ग्रुप बनाए गए थे। किस ग्रुप को कहां हिंसा करनी है, कहां आग लगाना है और कहां पत्थर चलाना है ये सब पहले से तय था। वायरल खबर के मुताबिक हनीप्रीत और डा. आदित्य इंसा ने पंचकूला जाकर रेकी की थी। हर जगह का मुआयना करके हिंसा की प्लानिंग की थी। साथ ही हिंसा फैलाने के लिए हथियार और पैसे पच्चीस तारीख से पहले ही दंगाईयों को घर पहुंचा दिया गया था। मतलब साफ है डेरे के सारे अहम लोग को न सिर्फ हिंसा की साजिश में शामिल थे बल्कि उनकी ही देखरेख में पंचकूला शहर को आग के हवाले किया गया।

सोशल मीडिया के दावे न सिर्फ हैरान करने वाले हैं बल्कि ये हनीप्रीत के गुनाहों पर से पर्दा भी उठाता है। वो अब तक खुद को निर्दोष बताते आई है। उसने पुछताछ के दौरान पुलिस को ये बताया कि वो लगातार राम रहीम के साथ थी इसलिए पंचकूला शहर में हिंसा कैसे भड़की, कहां क्या हुआ, किस वजह से हुआ उसे कुछ मालूम नहीं है। इसमें कोई शक नहीं है कि पंचकूला हिंसा के पीछे डेरे के अधिकारियों का हाथ है। बिना प्लानिंग और बिना पैसे के इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता है। डेरा के समर्थकों की बातों से भी ये पता चलता है कि वो मन बना कर पंचकूला पहुंचे थे कि अगर राम रहीम को सजा होती है तो वो सरकार और पुलिस की ईंट से ईंट बजा देंगे।

लेकिन सवाल तो ये है कि पंचकूला हिंसा की प्लानिंग कहां हुई और पैसा कहां से आया? डेरा समर्थकों के पास हथियार कहां से आए? आगजनी के लिए उन्हें पेट्रोल बम किसने दिए? हनीप्रीत तो राम रहीम के साथ थी तो डेरा समर्थकों को आदेश कौन दे रहा था? बलात्कारी राम रहीम को सजा मिलते ही पंचकूला में जिस तरह हिंसा भड़की वो किसी ने सोचा भी नहीं था। अचानक से पूरा शहर धू धू कर जल उठा। डेरे के सहयोगियों ने पूरे शहर को बंधक बना लिया। शुरुआत में तो ऐसा लगा कि पूरे शहर का लंकादहन हो जाएगा लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। गोलियों और लाठी के बल पर पुलिस ने डेरा समर्थकों को कंट्रोल तो कर लिया लेकिन सवाल उठ गया कि सरकार और पुलिस से इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हो गई।

पुलिस को अब पंचकूला के गुनाहगारों की तलाश है। वो एक एक सुराग और सबूत को जोड़कर पंचकूला हिंसा की गुत्थियां सुलझाने में जुटी है। पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया है कि हनीप्रीत के साथ साथ डेरा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने डेरे के अंदर भड़काऊ भाषण दिए थे जो काफी असरदार थे इसलिए फैसला आते ही हजारों अनुयायी डंडे, कुल्हाड़ी, गंडासे और पेट्रोल बम लेकर शहर में निकल पड़े और पंचकूला को आग के हवाले कर दिया।

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