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डाटा लीक मामला: कैंब्रिज एनालिटिका के साथ संबंधों पर कांग्रेस की सफाई, कहा- प्रस्ताव आया था पर कर दिया था खारिज

स्मृति ईरानी द्वारा कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ एलेक्जेंडर निक्स के लंदन स्थित दफ्तर में कांग्रेस पार्टी का पोस्टर लगी तस्वीर पोस्ट करने के बाद से पार्टी बचाव की मुद्रा में आ गई है।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk [Updated:29 Mar 2018, 3:08 PM IST]
- India TV
कांग्रेस की सोशल मीडिया की प्रमुख दिव्या स्पंदन।

नई दिल्ली: ब्रिटिश परामर्शदाता कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका के साथ संबंधों के आरोप झेल रही कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी की सोशल मीडिया की प्रमुख दिव्या स्पंदन ने स्वयं सामने आकर कैंब्रिज एनालिटिका की किसी भी प्रकार की सेवा लेने के आरोपों को बकवास बताया है। दिव्या ने कहा कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस के सामने प्रस्ताव जरूर रखा था जिसे उनकी पार्टी ने अस्वीकार कर दिया था। दिव्या ने कहा कि रोज हमको अमेरिका से, सिंगापुर से, यूके से और भारत से भी प्रपोजल मिलते हैं। सब कांग्रेस के साथ काम करना चाहते हैं। ऐसा नहीं है हम सबके साथ काम कर रहे हैं। हम उनके साथ कभी भी किसी डील में नहीं रहे। हमने कभी उनके साथ काम नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक ट्वीट करके कांग्रेस पर कैंब्रिज एनालिटिका के साथ काम करने का आरोप लगाया था। स्मृति ने एक पिक्चर ट्वीट की थी जिसमें कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ एलेक्जेंडर निक्स के लंदन स्थित दफ्तर में कांग्रेस पार्टी का पोस्टर लगा हुआ है। यह तस्वीर पिछले साल एक पत्रकार और टेक ब्लॉगर जैमी बार्टलेट्ट के डॉक्यूमेंट्री की है। स्मृति के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस बैकफुट पर आ गई थी। अब खुद दिव्या ने आगे आकर इन आरोपों को बकवास करार दिया है।

क्या है पूरा मामला

ब्रिज एनालिटिका एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है जिसने करीब 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा एक थर्ड पार्टी एप के जरिए एक्सेस किया। चैनल 4 के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि इस डेटा का इस्तेमाल अमेरिका में हुए 2016 चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को फायदा पहुंचाने, और ब्रिक्जिट में जनमत संग्रह बदलने में किया गया था। इसी दौरान ये खुलासा हुआ कि ये कंपनी भारत में कांग्रेस पार्टी को भी सेवाएं दे रही थी। कैम्ब्रिज एनेलिटिका डेटा लीक मामले में व्हिसिल ब्लोअर क्रिस्टोफर वायली ने ब्रिटिश संसद के सामने दिए गए बयान में बताया था कि भारतीय राजनीतिक पार्टी कांग्रेस कैम्ब्रिज एनेलिटिका कंपनी की क्लाइंट थी। इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने इन आरोपों को नकार दिया था।

जिसके बाद अब स्मृति ईरानी एक दिन पहले ये एक पिक्चर ट्वीट करके इस मामले को फिर से नया तुल दे दिया। उधर कांग्रेस का दावा है कि 2014 आम चुनाव में कैंब्रिज एनलिटिका उनके लिए नहीं बल्कि बीजेपी के लिए काम कर थी। कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टोफर वाइली ने कुछ दस्तावेज ट्वीट कर कंपनी के भारत में कामकाज का ब्यौरा दिया है। वाइली ने लिखा है कि मुझे भारतीय पत्रकारों के कई सारे मैसेज मिले। मैं भारत के साथ SCL कंपनी के कुछ पुराने प्रोजेक्ट के दस्तावेज शेयर कर रहा हूं। सबसे ज्यादा मुझसे पूछा गया कि क्या SCL/कैम्बिज एनालिटिका भारत में काम करती है, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि इन कंपनियों का ऑफिस भारत में हैं। इस दस्तावेज के जरिए समझिए कि वर्तमान उपनिवेशवाद कैसा दिखता है। इन डॉक्यूमेंट में बेहद माइक्रो लेवल पर जातिगत डेटा शामिल है इसमें 600 जिले और 7 लाख गावों का डेटा दिया गया है।

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Web Title: data leak case congress Rejected the offer of Cambridge Analytica - डाटा लीक केस: कैंब्रिज एनालिटिका के साथ संबंधों पर कांग्रेस ने दी सफाई- प्रस्ताव को कर दिया था खारिज
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