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CBSE Re- Exam: 12वीं अर्थशास्त्र का दोबारा एग्जाम 25 अप्रैल को, 10वीं की परिक्षा का ऐलान जल्द

CBSE Re-Exam: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा की नई तिथि का ऐलान कर दिया है।

India TV News Desk India TV News Desk
Updated on: March 30, 2018 22:21 IST
CBSE Re-Exam- India TV
CBSE Re-Exam

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रश्न-पत्रों के लीक होने तथा दोबारा परीक्षा कराने के विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं के अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा देशभर में 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। जबकि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा मात्र दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और हरियाणा में जुलाई के महीने में कराई जाएगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि सीबीएसई 10वीं के गणित का प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में ही लीक हुआ था, क्योंकि इसके राष्ट्रीय स्तर पर लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

स्वरूप ने कहा, "वह प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में लीक हुआ था और अगर दोबारा परीक्षा होगी तो मात्र इन राज्यों में जुलाई में होगी। इस मुद्दे पर अगले 15 दिनों में निर्णय ले लिया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि 12वीं के अर्थशास्त्र का प्रश्न-पत्र देशभर में लीक हुआ था, इसलिए उसकी दोबारा परीक्षा 25 अप्रैल को आयोजित होगी। लेकिन भारत के बाहर प्रश्न-पत्र लीक का कोई मामला नहीं होने के कारण देश के बाहर कोई नई परीक्षा नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के निर्णय से परीक्षा परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीबीएसई की परीक्षा के परिणाम आम तौर पर मई के अंत तक आते हैं।

प्रश्न-पत्र घोटालों के लिए जिम्मेदारी स्वीकारने और इस मामले के बाद भी सीबीएसई प्रमुख अनीता करवल को हटाए न जाने के सवालों के जबाव में स्वरूप ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा, "हम नहीं जानते कि गलती कहां हुई, लेकिन हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।"

पुनर्परीक्षा के निर्णय पर पूछने पर उन्होंने कहा, "हमारे पास कोई ठोस जानकारी नहीं है। हो सकता है कि यह बिल्कुल सही निर्णय न हो। हमें फिलहाल इस बात की चिंता है कि बच्चों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बच्चों का हित सर्वोपरि है। अन्य बातें बाद में हो सकती हैं।"

सीबीएसई के कई प्रश्न-पत्रों के लीक होने की अफवाहों के प्रश्न पर उन्होंने कहा, "कई मामलों में पाया जाता है कि प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुए थे। प्रश्न-पत्रों के लीक होने की सूचना हमें प्रश्न-पत्र शुरू होने से पहले मिल गई थी। लेकिन इसकी पुष्टि हमारी जिम्मेदारी थी।"

उन्होंने कहा, "प्रश्न-पत्र कैसे लीक हुए, कहां से लीक हुए.. मेरा आपसे आग्रह है कि मैं जांच के बाद ही आपको इस बारे में कोई जानकारी दे पाऊंगा।"

भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम पर सरकार की गारंटी पर उन्होंने कहा कि भविष्य की गारंटी कोई नहीं दे सकता। उन्होंने कहा, "मैं भविष्य में ऐसी किसी घटना के न होने की गारंटी नहीं ले सकता, लेकिन हम हर संभव कदम उठाएंगे, जिससे ऐसी घटनाएं न हों।"

देशभर में विद्यार्थियों और उनके परिजनों द्वारा सड़कों पर उतरकर प्रश्न-पत्र लीक की निंदा और कुछ स्थानों पर सीबीएसई प्रमुख अनीता करवल को हटाने की मांग करने के बाद सीबीएसई ने यह निर्णय लिया। लीक और पुनर्परीक्षा से लाखों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं और उनके परिजनों को छुट्टियों की योजनाएं आगे बढ़ानी पड़ीं या निरस्त करनी पड़ीं।

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