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बिहार शेल्टर होम: यौन शोषण मामलों की जांच में ढील, SC ने राज्य सरकार के रवैये को बताया ‘शर्मनाक’

SC ने बिहार के कई आश्रय गृहों में बच्चों के शारीरिक और यौन शोषण के आरोपों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं करने पर राज्य सरकार के आचरण को ‘बहुत ही शर्मनाक’ बताया।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: November 27, 2018 23:48 IST
SC ने बिहार के कई आश्रय...- India TV
Image Source : PTI SC ने बिहार के कई आश्रय गृहों में बच्चों के शारीरिक और यौन शोषण के आरोपों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं करने पर राज्य सरकार के आचरण को ‘बहुत ही शर्मनाक’ बताया।

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बिहार के कई आश्रय गृहों में बच्चों के शारीरिक और यौन शोषण के आरोपों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं करने पर राज्य सरकार के आचरण को ‘बहुत ही शर्मनाक’ और ‘अमानवीय’ करार दिया। न्यायालय ने ऐसे मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की हिमायत की है। 

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने तल्ख शब्दों में कहा कि ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में सरकार का रवैया ‘बहुत ही नरम’ और ‘पक्षपातपूर्ण’ रहा है। पीठ ने बिहार सरकार से सवाल किया कि क्या ये बच्चे इस देश के नागरिक नहीं हैं? 

शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार की ओर से पेश वकील से सवाल किया कि आश्रय गृहों में बच्चों के साथ अप्राकृतिक अपराध के आरोपों के बावजूद ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई? पीठ ने राज्य सरकार के वकील से कहा, ‘‘आप क्या कर रहे हैं? ये बहुत ही शर्मनाक है। आपने विस्तृत हलफनामा (न्यायालय में) दाखिल किया होगा लेकिन अगर किसी बच्चे के साथ अप्राकृतिक अपराध किया गया है तो आप ये नहीं कह सकते कि ये कुछ नहीं है। आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? ये अमानवीय है।’’ 

इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति गुप्ता ने आरोपों और उनसे निपटने की पुलिस की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा , ‘‘हर बार जब मैं ये फाइल पढ़ता हूं, मैं मामले की त्रासदी से रूबरू होता हूं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘हमारा यही मानना है कि राज्य पुलिस अपेक्षा के अनुरूप अपना काम नहीं कर रही है। हम चाहेंगे कि सीबीआई इन आरोपों की जांच करे। 

मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड की जांच कर रही सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने कहा कि वे बुधवार तक इस बारे में आवश्यक निर्देश प्राप्त करेंगे। इस आश्रय गृह में अनेक महिलाओं और लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन शोषण हुआ था। सीबीआई इस प्रकरण की जांच कर रही है। 

पीठ ने जांच ब्यूरो के वकील से कहा, ‘‘आप निर्देश प्राप्त कर लीजिए। आपको (सीबीआई) इन सबकी जांच करनी हेगी। ऐसा लगता है कि इसमें और भी बहुत कुछ है। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई बुधवार के लिए सूचीबद्ध कर दी। हालांकि, इस दौरान बिहार सरकार के वकील ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले में सभी उचित कदम उठाएगी और वो अपनी सभी गलतियों को सुधारेगी। 

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