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अयोध्या सुनवाई LIVE: जानें, मामले से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के बारे में

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। आइए, जानते हैं इस केस से जुड़े लाइव अपडेट्स...

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: August 31, 2019 8:47 IST
Supreme Court- India TV
Supreme Court | PTI File

नई दिल्ली: अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की आज भी सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान वकील अपनी-अपनी दलीलें जजों की बेंच के सामने रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सितंबर, 2010 के अपने फैसले में अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को ‘राम लला’, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई कर रही है। आइए, जानते हैं इस सुनवाई से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के बारे में:

Live updates : Ayodhya Case Supreme Court Hearing Updates

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  • 1:19 PM (IST)

    हरिशंकर जैन ने कहा, बाबर एक आक्रमणकारी था और एक आक्रमणकारी के अधिकारों को संस्थागत नहीं किया जा सकता। हम गुलामी के काले दिनों से बाहर निकले हैं। हम एक सभ्य समाज में रहते हैं।

  • 1:15 PM (IST)

    हिन्दू महासभा की तरफ से हरिशंकर जैन ने अपनी दलीलें शुरू कीं।

    हरिशंकर जैन ने कहा, आगर हम ये साबित कर दें कि विवादित जमीन पर एक हिंदू मन्दिर था तो क्या संविधान के अंतर्गत हिंदुओं को उनका अधिकार मिलेगा? 1855 से पहले न तो कोई ओरल या डॉक्युमेंट्री सबूत था कि विवादित ढांचा एक मस्जिद थी। ब्रिटिशों ने मुसलमानों से विवादित ढांचे में नमाज अदा करने को कहा था। ब्रिटिश समय के दौरान हिंदुओं के प्रार्थना के अधिकार का हनन किया गया। संविधान बनने के बाद 1949 में हिंदुओं को विवादित जमीन पर पूजा करने का अधिकार वापिस मिला था।
    किसी हिंदू देवता को नष्ट करके बनाई गई मस्जिद को मस्जिद नहीं माना जा सकता।

  • 1:14 PM (IST)

    पीएन मिश्रा ने कहा, 1856 से पहले वहां कोई नमाज़ नहीं होती थी और 1934 से पहले वहां सिर्फ शुक्रवार को नमाज़ होती थी। वह नमाज पुलिस के पहरे में होती थी, यह पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके साथ ही पीएन मिश्रा ने अपनी दलीलें पूरी की।

  • 1:13 PM (IST)

    पीएन मिश्रा ने कहा, एडवर्स पजेशन की अवधारणा मुस्लिम कानून में नहीं है, खासकर मस्जिदों के मामले में तो बिल्कुल ही नहीं। इसमें मालिकाना हक होना चाहिए और कब्जा पूर्ण होना चाहिए। इस्लाम में किसी मन्दिर के ऊपर मस्जिद बनाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।

  • 1:12 PM (IST)

    पीएन मिश्रा ने एक श्लोक पढ़ते हुए कहा, 'भए प्रकट कृपाला'। प्रकट होने का मतलब है कि भगवान राम सूक्ष्म रूप से तो वहां सनातन समय से रहे हैं, बस रामनवमी की दोपहर भगवान राम प्रकट हुए।

  • 1:11 PM (IST)

    पीएन मिश्रा: जमीन कभी मुसलमानों के कब्जे में नहीं रही। वह हमारे कब्जे में थी। मुसलमान शासक होने की वजह से जबरन वहां नमाज अदा करते थे। 1856 से पहले वहां कोई नमाज नहीं होती था। जन्म की बात है तो भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम तो उसी स्थान पर पहले प्रकट हुए थे।

  • 1:10 PM (IST)

    जस्टिस बोबड़े: क्या विवादित स्थल से कोई घंटी मिली थी?

    PN मिश्रा: हां, वहां से घंटी मिलने के सबूत हैं और मौखिक सबूत भी हैं। पैगंबर मोहम्मद ने कहा था कि कब्र की तरह चेरा करके नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, लेकिन बाबरी के आस-पास कई कब्रें थीं। शाहजहां से एक इस्लामिक इस्कोलर अब्दुल हकीम ने कहा था कि मस्जिद अगर मंदिर को गिरा कर बनाई जाती है तो वह मस्जिद नहीं होती है।

  • 1:07 PM (IST)

    जस्टिस चंद्रचूड़: मस्जिद कैसी होनी चाहिए, मस्जिद में नमाज पढ़ने का क्या तरीका है इसके बारे में अपने बताया। आप अपनी जिरह के अहम बिंदुओं को हमको बताइए।

    पीएन मिश्रा ने कहा: वाकिफ जमीन का मालिक होना चहिए, वाकिफ के द्वारा ही जमीन को दान किया जाए। मस्जिद में कम से कम 2 समय नमाज पढ़ी जाए, वहां पर वजू के इंतजाम होने चाहिए, मस्जिद में किसी भी जानवर, जीवित की तस्वीर या पेंटिंग न हो, मस्जिद में घंटी नही होनी चहिए। एक प्लॉट में मस्जिद और मंदिर नहीं होने चाहिए। मस्जिद में निवास नहीं होना चाहिए, मस्जिद में रसोई नहीं होनी चाहिए। मस्जिद किसी दूसरे की जमीन पर नही बनाई जा सकती, मस्जिद के आस-पास कब्र नहीं होनी चहिए। मस्जिद दूसरे धर्मों के लोगों के संरक्षण में नही होनी चहिए।

  • 11:59 AM (IST)

    मिश्रा ने कहा कि मस्जिद में किसी प्रकार के तस्वीरों या कलाकारी होने से  नमाज़ अदा करते वक्त लोगों का ध्यान भटक सकता है, लेकिन विवादित जमीन से कई मूर्तियां मिली थी। साथ ही उक्त जमीन से घण्टियों के सबूत भी मिले थी।

  • 11:58 AM (IST)

    मिश्रा ने कहा कि इब्न-ए-बतूता ने अपनी भारत यात्रा पर कहा कि वह यह देख कर हैरान रह गया कि सभी मस्जिदों में घंटी बजाई जा रही थी, घंटी बजा कर पूजा की जा रही थी।

  • 11:58 AM (IST)

    अखिल भारत श्रीराम जन्मभूमि पुनुरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने कहा था कि घंटी बजा कर नामज़ नही पढ़ी जा सकती क्योंकि यह शैतान का इंस्टूमेंट है, घंटी बजाने से फरिश्ते उस घर या जगह पर नही आते है। बिना घंटी बजाई मंदिर में पूजा नही की जा सकती है।

  • 11:56 AM (IST)

    हदीस साहिह मुस्लिम के मुताबिक मस्जिद की सजावट देवो देवताओं की मूर्तियों से किया जाना प्रतिबंधित है। साथ ही मस्जिद में एक गुड़िया का रखा जाना भी प्रतिबंधित है क्यों ऐसी इमारत में स्वर्गदूत प्रवेश नहीं करते।

  • 11:56 AM (IST)

    इसमें लिखा है कि मस्जिद का प्रबंधन हमेशा मुसलमानों को करना चाहिए और मस्जिद में 2 वक्त अज़ान होनी चाहिए और मस्जिद को बातचीत की जगह के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पीएन मिश्रा ने कहा कि लेकिन विवादित जगह पर चूल्हा मिला था।

  • 11:55 AM (IST)

    पीएन मिश्रा ने हदीस साहिह-अल-बुखारी के कुछ हिस्सों को पढ़ा। इसमें कहा गया है कि एक ही जगह पर हिंदू और मुस्लिम दोनों का किबला का होना प्रतिबंधित है।

  • 11:54 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। वकील अब अपनी दलीलें रख रहे हैं।

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