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ये है 104 साल पुराना समंदर पर बना भारत का पहला पुल, दिल जीत लेता है दृश्य

24 फरवरी 1914 को यातायात के लिए खोला गया पामबन पुल, भारत का पहला ऐसा पुल है जिसे समंदर के ऊपर बनाया गया था। फिलहाल, पुल पर मरम्मत का काम चल रहा है।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk [Updated:08 Dec 2018, 9:26 AM IST]
पामबन पुल- India TV
Image Source : TRIPOTO.COM पामबन पुल

24 फरवरी 1914 को यातायात के लिए खोला गया पामबन पुल, भारत का पहला ऐसा पुल है जिसे समंदर के ऊपर बनाया गया था। फिलहाल, पुल पर मरम्मत का काम चल रहा है। कुछ इंजीनियर्स का मानना है कि पुल पर कुछ दिनों तक ट्रेन न ही चलाई जाएं तो अच्छा है। बता दें कि पामबन पुल तमिलनाडु​ में जलडमरू पर बना ब्रीज है जो पवित्र और धार्मिक शहर रामेश्‍वरम को भारत के मुख्‍य भू-भाग से जोड़ता है।

पामबन! ये नाम भले ही आपको सुनने में थोड़ा अजीब लगे लेकिन इस अजीब नाम का सफर रोमांच से भरा है। समंदर के ऊपर बने इस पुल पर जब रेलगाड़ी सरपट-सरपट दौड़ती है तो रोमांच खुद-ब-खुद अपने चरम की ओर बढ़ने लगता है। कई बार तो समंदर में आते ज्वार से पानी पटरियों को चूमने की कोशिश करता है, और ये नजरा बेहद शानदार होता है।

पामबन पुल का निर्माण ब्रिटिश रेलवे ने 1885 में शुरू किया था। निर्देशन ब्रिटिश इंजीनियरों का था और कारीगर गुजरात के कच्छ से आए थे। सालों की मेहनत के बाद 1914 में पुल बनकर खड़ा हुआ और फिर 24 फरवरी 1914 को इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। रामेश्‍वरम का ये पुल पर्यटन का वो जरिया है जो लोगों को हमेशा अपनी ओर खींचता है। 

पुल के नीचे से पानी वाले जहाज गुजरते हैं। अगर जहाज बड़ा हो तो पुल में बीच से खुलने की सुविधा भी दी गई है। यानी इसे दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। कंक्रीट के 145 खंभों पर टिके इस पुल को समुद्री लहरों और तूफानों से ख़तरा बना रहता है। इसीलिए यहां ट्रेन को 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ज्यादा तेज नहीं चलाया जाता। इस पुल का सफर करीब 2 किलोमीटर का है।

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Web Title: All unknown and interesting facts about pamban bridge
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