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आज की बड़ी खबरें 3 अगस्त 2018: तस्वीरों में देखें देश-दुनिया की सभी बड़ी न्यूज

India TV Photo Desk [Updated: 03 Aug 2018, 2:27 PM IST]
  • सावन के पवित्र महीने में वृद्ध माता-पिता को अपने कंधों पर ले जाते कांवड़िए। कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से शुरू हो चुकी है। ऐसा माना जाता है सावन के महीने में सभी देवता आराम करने निद्रा में चले जाते हैं। उस समय सभी देवताओं का कार्य भगवान शिव करते है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों द्वारा कई तरीके अपनाए जाते हैं। इन्हीं तरीकों में से एक है कांवड़ यात्रा। सावन के महीने में शिव भक्त केसरिया कपड़े पहनकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते है और भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उसे शिवलिंग पर चढ़ाते है।
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    सावन के पवित्र महीने में वृद्ध माता-पिता को अपने कंधों पर ले जाते कांवड़िए। कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से शुरू हो चुकी है। ऐसा माना जाता है सावन के महीने में सभी देवता आराम करने निद्रा में चले जाते हैं। उस समय सभी देवताओं का कार्य भगवान शिव करते है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों द्वारा कई तरीके अपनाए जाते हैं। इन्हीं तरीकों में से एक है कांवड़ यात्रा। सावन के महीने में शिव भक्त केसरिया कपड़े पहनकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते है और भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उसे शिवलिंग पर चढ़ाते है।

  • आगरा में ताजमहल के बगल से बहती यमुना नदी में छलांग लगाते बच्चों का एक दृश्य। पहाड़ी इलाकों बारिश के कारण यमुना में पानी के स्तर में वृद्धि हुई है। पत्नी मुमताज महल की याद में मुग़ल शहनशाह शाहजहाँ का बनाया ताजमहल ना सिर्फ़ भारत का सबसे बड़ा पर्यटक आकर्षण का केंद्र है बल्कि ये दुनिया की सर्वश्रेष्ठ इमारतों में से एक माना जाता है।
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    आगरा में ताजमहल के बगल से बहती यमुना नदी में छलांग लगाते बच्चों का एक दृश्य। पहाड़ी इलाकों बारिश के कारण यमुना में पानी के स्तर में वृद्धि हुई है। पत्नी मुमताज महल की याद में मुग़ल शहनशाह शाहजहाँ का बनाया ताजमहल ना सिर्फ़ भारत का सबसे बड़ा पर्यटक आकर्षण का केंद्र है बल्कि ये दुनिया की सर्वश्रेष्ठ इमारतों में से एक माना जाता है।

  • केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की पूरी प्रक्रिया में किसी तरह का भेदभाव व अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होगा। राजनाथ सिंह ने कहा,
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    केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की पूरी प्रक्रिया में किसी तरह का भेदभाव व अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होगा। राजनाथ सिंह ने कहा,"मैं दोहरा रहा हूं कि यह अंतिम एनआरसी नहीं है। यह सिर्फ एनआरसी मसौदा है। सभी को दावों और आपत्तियों के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाएगा। एनआरसी ने असम में नागरिकता के आंकड़े जारी किए गए थे, जिसमें करीब 40 लाख लोगों को फिलहाल भारतीय नही माना गया है। इसमें करीब 2 करोड़ 89 लाख लोगों को नागरिकता दी गई है। असम की कुल आबादी करीब 3 करोड़ 29 लाख है और चुनावों से लेकर अबतक बांग्लादेशी घुसपैठियों और नागरिकात का मसला सुर्खियों में रहा था।

  • आयरलैंड ने वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर पर खेले गए बेहद रोमांचक मैच में भारत को शूटआउट में 3-1 से मात देते हुए महिला हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस हार के साथ भारत का दूसरी बार सेमीफाइनल में खेलने का सपना टूट गया। वह विश्व कप के पहले संस्करण में 1974 में पहली बार सेमीफाइनल खेली थी। इसके बाद भारत कभी भी अंतिम-4 में नहीं पहुंच पाया। 
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    आयरलैंड ने वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर पर खेले गए बेहद रोमांचक मैच में भारत को शूटआउट में 3-1 से मात देते हुए महिला हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस हार के साथ भारत का दूसरी बार सेमीफाइनल में खेलने का सपना टूट गया। वह विश्व कप के पहले संस्करण में 1974 में पहली बार सेमीफाइनल खेली थी। इसके बाद भारत कभी भी अंतिम-4 में नहीं पहुंच पाया। 

  • असम के गोलाघाट में भारी बारिश के कारण बाढ़ के पानी में डूबे घरों का दृश्य। एक और जहां देश के कई हिस्से गर्मी की मार झेल रहे हैं, वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश ने तबाही मचाकर रखी है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। लगभग 1.5 लाख लोग असम में बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
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    असम के गोलाघाट में भारी बारिश के कारण बाढ़ के पानी में डूबे घरों का दृश्य। एक और जहां देश के कई हिस्से गर्मी की मार झेल रहे हैं, वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश ने तबाही मचाकर रखी है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। लगभग 1.5 लाख लोग असम में बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।

  • अमेरिका की आजादी की 242 वीं वर्षगांठ मनाने के दौरान एक रिसेप्शन समारोह में भारतीय लिबास पहने अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर। चार जुलाई को संयुक्त राज्य अमेरिका की आजादी के दिन के तौर पर जाना जाता है। मशहूर नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस ने वर्ष 1492 में अमेरिकी महाद्वीप की खोज की थी। इसके बाद यूरोपीय देशों से यहां पर लोगों का आना शुरू हो गया। उस समय ब्रिटेन महाशक्ति था और उसके कई देशों में उपनिवेश थे। ब्रिटेन की सेना का यहां के के मूल निवासियों के साथ टकराव होने लगा। ब्रिटिश सरकार के द्वारा ऐसे कठोर कानून बनाए गए, जो स्थानीय निवासियों के हित में नहीं थे। इसके परिणाम स्वरूप अमेरिकियों को विद्रोह के लिए विवश होना पड़ा। ब्रिटिश शासन से मुक्ति के लिए यहां के लोगों ने लंबा संघर्ष किया।
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    अमेरिका की आजादी की 242 वीं वर्षगांठ मनाने के दौरान एक रिसेप्शन समारोह में भारतीय लिबास पहने अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर। चार जुलाई को संयुक्त राज्य अमेरिका की आजादी के दिन के तौर पर जाना जाता है। मशहूर नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस ने वर्ष 1492 में अमेरिकी महाद्वीप की खोज की थी। इसके बाद यूरोपीय देशों से यहां पर लोगों का आना शुरू हो गया। उस समय ब्रिटेन महाशक्ति था और उसके कई देशों में उपनिवेश थे। ब्रिटेन की सेना का यहां के के मूल निवासियों के साथ टकराव होने लगा। ब्रिटिश सरकार के द्वारा ऐसे कठोर कानून बनाए गए, जो स्थानीय निवासियों के हित में नहीं थे। इसके परिणाम स्वरूप अमेरिकियों को विद्रोह के लिए विवश होना पड़ा। ब्रिटिश शासन से मुक्ति के लिए यहां के लोगों ने लंबा संघर्ष किया।

  • भारत ने ओडिशा तट पर स्थित परीक्षण रेंज से स्वदेश में विकसित सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों के अनुसार इसका मकसद इसमें जोड़ी गई ‘‘कुछ बेहतर सुविधाओं’’ की पुष्टि करना था। बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों के तहत विकसित यह प्रक्षेपास्त्र दुश्मन की तरफ से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है। पूर्व परीक्षणों में मिसाइल की मारक क्षमता समेत दूसरे मानकों की पुष्टि हो चुकी है और आज का परीक्षण इसकी प्रणाली में किये गए कुछ और सुधारों की पुष्टि के लिये किया गया।
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    भारत ने ओडिशा तट पर स्थित परीक्षण रेंज से स्वदेश में विकसित सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों के अनुसार इसका मकसद इसमें जोड़ी गई ‘‘कुछ बेहतर सुविधाओं’’ की पुष्टि करना था। बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों के तहत विकसित यह प्रक्षेपास्त्र दुश्मन की तरफ से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है। पूर्व परीक्षणों में मिसाइल की मारक क्षमता समेत दूसरे मानकों की पुष्टि हो चुकी है और आज का परीक्षण इसकी प्रणाली में किये गए कुछ और सुधारों की पुष्टि के लिये किया गया।

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