द गाज़ी अटैक

The Ghazi Attack Movie starrer Rana Daggubati, Taapsee Pannu, Kay Kay Menon, Om Puri, Rahul Singh

India Tv Entertainment Desk India Tv Entertainment Desk
Published on: February 17, 2017 15:50 IST
The Ghazi Attack
The Ghazi Attack
  • फिल्म रिव्यू: The Ghazi Attack
  • स्टार रेटिंग: 3 / 5
  • पर्दे पर: Feb 17, 2017
  • डायरेक्टर: संकल्प रेड्डी
  • शैली: थ्रिलर फिल्म

अभिनेता राणा दग्गुबती, तापसी पन्नू, के.के.मेनन और दिवंगत अभिनेता ओम पुरी के अभिनय से सजी फिल्म 'द गाजी अटैक' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। संकल्प रेड्डी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई जंग पर आधारित है। वैसे तो इन दोंनो ही देशों के बीच 4 जंगें लड़ी जा चुकी है। लेकिन इनके अलावा भी एक जंग हुई थी कई लोग ऐसे होंगे जिन्हें इस लड़ाई के बारे में जानकारी नहीं होगी, या इस युद्ध के दौरान इंडियन नेवी के योगदान के बारे में नहीं पता होगा। फिल्म में इंडियन नेवी द्वारा लड़ी गई लड़ाई की ओर ध्यान खीचा गया है।

कहानी:-

फिल्म की कहानी के बारे में बात करें तो यह बांग्लादेश के गठन से पहले वहां से हालातों, पाकिस्तानी का मनमानी पर आधारित है, जिससे उस समय भारत भी काफी परेशान था। जहां एक तरफ हर देश में पाकिस्तान के जुल्मों की निंदा की जा रही थी, वहीं इसी दौरान 17 नवंबर 1971 को इंडियन नेवी के हेडक्वॉर्टर को एक खूफिया जानकारी मिलती है। इसमें उन्हें पता चलता है कि पाकिस्तानी नेवी समुद्र के रास्ते रक्षा में तैनात INS विक्रांत पर हमला करने वाली है। इसके बाद हेडक्वॉर्टर के सीनियर ऑफिसर वी पी नंदा (ओम पुरी) इस सूचना को पुख्ता और इसकी पूर पूरी जानकारी लेने के लिए एक ऑपरेशन सर्च टीम तैयार करते हैं। इसकी टीम का हेड वह पनडुब्बी एस 21 के कैप्टन रणविजय सिंह (के.के.मेनन) को बनाते हैं। उनके साथ वह लेफ्टिनेंट कमांडर अर्जुन (राणा दग्गुबाती) को भी इस टीम का अहम हिस्सा बनाते हैं। इन दोनों के अलावा पनडुब्बी चालक देवराज (अतुल कुलकर्णी) भी इस मिशन पर हैं। अपनी टीम को लेकर ये दोनों समुद्र में करीब 300 मीटर नीचे पहुंच जाते हैं। यहां पाकिस्तानी नेवी सेनी पहले से ही युद्ध की पूरी तैयारी करके बैठी है। अब जहां एक तरफ रणविजय दुश्मन को सामने देखते ही उन्हें मारना चाहते हैं वहीं अर्जुन का मानना है कि उन्हें हेडक्वॉर्टर के निर्देश का इंतजार करना चाहिए। अब यह देखना काफी रोचक हो जाता है कि दोनों की अलग-अलग सोच में वह कैसे दुश्मनों का सामना करते हैं। किस तरह पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेरा जाता है, इसे देखने के लिए आप सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं।

अभिनय:-

फिल्म में किरदारों के अभिनय की बात करें तो सभी से काफी शानदार काम किया है। के.के. मेनन और अतुल कुलकर्णी को मंझे हुए अभिनेताओं में गिना जाता है। इस फिल्म में भी इन दोनों ही कलाकारों ने जान डालने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। वहीं राणा दग्गुबती अपने किरदार को बेहतरीन ढंग से निभाते हुए नजर आ रहे हैं। फिल्म में पाकिस्तानी नौसेना अधिकारी का किरदार निभा रहे राहुल सिंह ने भी काफी सराहनिया काम किया है। वहीं फिल्म में रिफ्यूज़ी डॉक्टर की भूमिका निभा रहीं तापसी पन्नू की बात करें तो उनका रोल बहुत बड़ा तो नहीं था, लेकिन उन्होंने छोटी भूमिका में भी खुद को साबित किया है। दिवंगत अभिनेता ओम पुरी की यह आखरी फिल्म साबित हुई। उन्होंने भी फिल्म में बेहद शानदार काम किया है।

निर्देशन:-

फिल्म के निर्देशन की बात करें तो यह संकल्प रेड्डी की पहली फिल्म है। उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म पर इतनी जबरदस्त पकड़ बनाई है कि दर्शक अंत तक इसके साथ बंधे रहते हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट, अभिनय और सितारों के चयन पर जितना ध्यान दिया गया है उतना ही बेहतरीन इसके वीएफएक्स और बैकग्राउंड को बनाने की कोशिश की गई है। फिल्म की डायलॉग्बाजी भी आप खूब पसंद करेंगे। संकल्प ने अपनी इस फिल्म में जिस जंग का मुद्दा उठाया उसे बखूबी दर्शकों के सामने पेश भी किया है। हालांकि उन्होंने इसके लिए काफी रिसर्च करने क साथ कड़ी मेहनत भी की है। इस फिल्म को देखते हुए आप अपने भारतीय होने पर भी गर्व भी महसूस करने लगते हैं और एक तरफ भावुक भी हो जाते हैं।

क्यों देखें:-

अगर आप लंबे वक्त से किसी नए और बेहतरीन सबजेक्ट को लेकर बनी फिल्म का इंतजार कर रहे थ, तो यह फिल्म आपको बिलकुल निराश नहीं करेगी। इसके साथ ही 1971 में हुए उस हमलें से भी काफी हद तक रूबरू हो पाएंगे।