Gold Movie Review: अक्षय कुमार की फिल्म 'गोल्ड' ने मिस कर दिया गोल

इस बार 15 अगस्त पर दो देशभक्ति से भरी फिल्में आ रही हैं एक अक्षय कुमार की ‘गोल्ड’ और दूसरी जॉन अब्राहम की ‘सत्यमेव जयते’। ‘गोल्ड’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, यह उस दौर की कहानी है जब भारत ओलंपिक में खेलता तो है मगर ब्रिटिश इंडिया के नाम पर।

Jyoti Jaiswal [Updated:14 Aug 2018, 8:17 PM IST]
Gold Movie Review

Gold Movie Review

  • फिल्म रिव्यू: गोल्ड
  • स्टार रेटिंग: 2.5 / 5
  • पर्दे पर: 15 अगस्त 2018
  • डायरेक्टर: रीमा काग्टी
  • शैली: स्पोर्ट्स-ड्रामा

इस बार 15 अगस्त पर दो देशभक्ति से भरी फिल्में आ रही हैं एक अक्षय कुमार की ‘गोल्ड’ और दूसरी जॉन अब्राहम की ‘सत्यमेव जयते’। ‘गोल्ड’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, यह उस दौर की कहानी है जब भारत ओलंपिक में खेलता तो है मगर ब्रिटिश इंडिया के नाम पर।

कहानी- ‘गोल्ड’ में अक्षय कुमार तपन दास की भूमिका में हैं, जो हॉकी टीम का मैनेजर है और ब्रिटिश इंडिया को वर्ल्ड कप जीतते देखता है, लेकिन उसका सपना है कि वो आजाद भारत में हॉकी का ओलंपिक गोल्ड मेडल लेकर आए। उसकी टीम भी तैयार हो जाती है लेकिन भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो जाता है आधी टीम पाकिस्तान चली जाती है। अब वो नई टीम बनाता है कैसे वो इस टीम को आगे ले जाएगा वही आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगा।

फिल्म का पहला हाफ काफी स्लो है और इंटरवल तक आप यही सोचते रहेंगे कुछ अच्छा कब होगा, सेकेंड हाफ में जब गेम शुरू होता है तो लास्ट के आधे घंटे यह फिल्म कुछ पल के लिए आपको बांधती है, लेकिन फिल्म के कई सीन आपको शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ से मिलते-जुलते लगेंगे। लेकिन आप 70 मिनट जैसे डॉयलॉग जरूर मिस करेंगे।

फिल्म में एक खासियत यह भी है कि पाकिस्तान को लेकर फिल्म जरा भी निगेटिव नहीं है, बल्कि एक अच्छा रिश्ता भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों में देखने को मिला है, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

फिल्म में अक्षय कुमार के कई रंग देखने को मिलेंगे, कहीं वो रोमांस करेंगे तो कहीं, सीरियस रोल। हर तरह के रोल में अक्षय ने रंग बिखेरा है। मौनी खूबसूरत लगी हैं, वो बेंगाली हैं इसलिए कमाल का एक्सेंट है उनका। अमित साध एक रॉयल घर के खिलाड़ी रघुवीर प्रताप सिंह के रोल में काफी जंचे हैं। सनी कौशल और कुणाल कपूर भी अच्छे लगे हैं। हालांकि फिल्म में विनीत कुमार सिंह जैसे अच्छे अभिनेता का इस्तेमाल ठीक तरह से नहीं हो पाया है इसका मुझे दुख है।

फिल्म में सिर्फ एक रोमांटिक गाना ‘नैनों ने बांधी’ आपको अच्छा लगेगा, बाकी गाने जब भी आते हैं इरीटेट ही करते हैं, उनक जरूरत भी नहीं थी फिल्म में। हां, फिल्म में एक मोटिवेशनल गाना हो सकता था लेकिन वो नहीं है। ‘लाएंगे हम गोल्ड’ भी खास इम्पैक्ट नहीं करता है।

फिल्म के कुछ सीन बहुत अच्छे हैं, जो आपको देशभक्ति की भावना से भर देंगे और तालियां पीटने लगेंगे। 15 अगस्त का मौका है और इस मौके पर अक्षय कुमार की देशभक्ति से भरी फिल्म आप देखकर एन्जॉय कर सकते हैं। लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले में कई लूपहोल्स हैं, और गोल्ड ने एक अच्छा गोल करने से मिस कर दिया और एक हल्की फिल्म बनकर उभरी है। इंडिया टीवी इस फिल्म को दे रहा है 2.5 स्टार।

यहां देखिए रिव्यू-