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भारत ने UNSC से कहा- ‘पनाहगाह’ से चल रहीं दाऊद की अवैध गतिविधियां हैं असली खतरा

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है।’

IndiaTV Hindi Desk
IndiaTV Hindi Desk 10 Jul 2019, 14:39:31 IST

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि जब पनाहगाह में दाऊद इब्राहिम की मौजूदगी से इनकार किया जाता है तो वहां से चल रहीं दाऊद की अवैध गतिविधियां, यहां तक कि वजूद भी वास्तविक खतरा पैदा करते हैं। भारत ने डी कंपनी, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के खतरों को खत्म करने के लिए उनपर केंद्रित तवज्जो देने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है।’

ब्रिटेन ने कहा था, पाकिस्तान में है दाऊद
इससे एक दिन पहले ही ब्रिटेन की एक अदालत ने सूचित किया था कि 1993 में हुए मुंबई हमलों के लिए वांछित दाऊद इस समय पाकिस्तान में है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मंगलवार को ‘अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को खतरा: अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और संगठित अपराध के बीच संबंध’ विषय पर सुरक्षा परिषद की बहस में कहा कि आतंकवादी संगठन धन एकत्र करने के लिए मानव तस्करी एवं प्राकृतिक संसाधनों में व्यापार करने जैसी आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं।


पाकिस्तान को अकबरुद्दीन ने लताड़ा
अकबरुद्दीन ने कहा, ‘इसी प्रकार आपराधिक समूह आतंकवादियों के साथ हाथ मिला रहे हैं और जालसाजी, अवैध वित्तापोषण, हथियारों की सौदागरी, नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवादियों को सीमा पार ले जाने जैसी सेवाएं मुहैया करा रहे हैं। हमने अपने क्षेत्र में दाऊद इब्राहीम के आपराधिक सिंडिकेट को डी-कंपनी नाम के आतंकवादी नेटवर्क में बदलते देखता है। डी कंपनी की अवैध आर्थिक गतिविधियों के बारे में हमारे क्षेत्र के बाहर अधिक लोग नहीं जानते हैं, लेकिन हमारे लिए सोने की तस्करी, जाली नोट जैसी गतिविधियां वास्तविक एवं मौजूदा खतरे हैं। हमारे लिए उस पनाहगाह से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी वास्तविक खतरा है जो दाऊद की मौजूदगी से भी इनकार करता है।’

‘UNSC चाहे तो मिल सकते हैं नतीजे’
उन्होंने जोर देकर कहा कि ISIS को ‘बेपर्दा’ करने की सामूहिक कोशिश दर्शाती है कि परिषद यदि ‘ध्यान केंद्रित करे तो परिणाम मिल सकते हैं और मिलते हैं’। उन्होंने कहा, ‘प्रतिबंधित व्यक्तियों दाऊद इब्राहीम और उसकी डी-कंपनी के अलावा प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के खतरों से निपटने में इसी प्रकार ध्यान केंद्रित करने से लाभ होगा।’ विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि पाकिस्तान का दाऊद की मौजूदगी से इनकार करना उसके ‘दोहरे मापदंडों’ को दर्शाता है। (भाषा)

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