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पाकिस्तान संसद ने भारत के आतंकवाद रोधी कार्रवाई को आक्रमण बताते हुए निंदा की

पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर देश में भारत की आतंकवाद - रोधी हालिया कार्रवाई को ‘‘आक्रमण’’ बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की गई।

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इस्लामाबाद: पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर देश में भारत की आतंकवाद-रोधी हालिया कार्रवाई को ‘‘आक्रमण’’ बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की गई। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने शुरूआत में यह घोषणा की थी कि वह अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज को इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की बैठक में शरीक होने का न्यौता दिए जाने के चलते इस सम्मेलन से दूर रहेंगे। गौरतलब है कि भारत के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर मंगलवार सुबह बम गिराया था। इस कार्रवाई में काफी संख्या में जैश के आतंकवादी, प्रशिक्षक, वरिष्ठ कमांडर और संगठन के जिहादियों का सफाया हो गया। उन्हें आत्मघाती हमले के प्रशिक्षित किया जाता था।

आतंकी ठिकाने को नष्ट करने और भारी संख्या में जिहादियों के हताहत होने के भारत के दावे को संसद ने काल्पनिक करार दिया। प्रस्ताव में कहा गया है कि जमीनी तथ्य भारत के झूठे दावे से स्पष्ट रूप से विरोधाभासी है और ऐसा स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने भी कहा है। प्रस्ताव में इस बात का जिक्र किया गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना की समय पर की गई और प्रभावी कार्रवाई ने भारतीय हमले का प्रतिरोध किया और इसमें जान माल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

संसद के प्रस्ताव में 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने की घटना की जांच में भारत की सहायता के लिए पाकिस्तान की पेशकश को याद किया गया। पाक स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि 26 और 27 फरवरी को भारत की गैर जिम्मेदाराना और लापरवाह कार्रवाइयों ने दक्षिण एशिया में शांति एवं स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। प्रस्ताव में भारत के आक्रमण का प्रभावी ढंग से और मुंहतोड़ जवाब देने के पाकिस्तान के संकल्प को दोहराया गया है।

पाक रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने सभी विवादों के हल के लिए भारत को शुक्रवार को वार्ता की पेशकश की। दरअसल, भारत कहता आ रहा है कि आतंकवाद और वार्ता साथ - साथ नहीं चल सकती। संसद के संयुक्त सत्र में खट्टक ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान पुलवामा हमले में किसी भी तरह से भी शामिल था। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान पुलवामा घटना के पीछे नहीं था।’’

उन्होंने कहा कि इस हमले के लिए पाकिस्तान पर आरोप लगाना सदी का सबसे बड़ा झूठ है। खट्टक ने कहा कि पाकिस्तान एक शांति प्रिय देश है और क्षेत्रीय शांति एवं समृद्धि के लिए वह भारत के साथ संघर्ष के पक्ष में नहीं है। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने फिर से आक्रमण का रास्ता चुना तो हमारा जवाब ऐसा होगा कि इतिहास याद रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर मुद्दा का हल होने तक भारत के साथ शांति संभव नहीं है। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान तनाव दूर करने के लिए वार्ता को तैयार है।

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