Live TV
GO
  1. Home
  2. पैसा
  3. टैक्स
  4. सरकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को...

सरकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को किया मजबूत, करदाताओं की संख्या हुई 8 करोड़ : सीबीडीटी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि सकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को मजबूत किया है। इससे बड़ी संख्या में करदाताओं को कर के दायरे में लाया गया है और करदाताओं की संख्या 8 करोड़ पर पहुंच गई है।

Manish Mishra
Edited by: Manish Mishra 06 Feb 2018, 16:13:47 IST

नई दिल्ली केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि सकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को मजबूत किया है। इससे बड़ी संख्या में करदाताओं को कर के दायरे में लाया गया है और करदाताओं की संख्या 8 करोड़ पर पहुंच गई है। चंद्रा ने कहा कि कोई भी आयकर अधिकारी किसी मामले को सिर्फ अपनी मनमर्जी से जांच के लिए नहीं चुन सकता। वैसे भी आयकर विभाग कुल मामलों में से सिर्फ 0.5 प्रतिशत को ही जांच के लिए चुनता है।

उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रा ने कहा कि प्रत्यक्ष करों के मोर्चे पर कई सुधार किए गए हैं। हम प्रत्यक्ष सुधारों को मजबूत किया है। हमने बड़ी संख्या में करदाता जोड़े हैं। हमारे करदाताओं की संख्या अब 8 करोड़ हो गई है।

सीबीडीटी के प्रमुख ने कहा कि कर अधिकारी तथा करदाता के बीच आपसी संपर्क को आयकर विभाग समाप्त कर रहा है। कोई आयकर अधिकारी अपने विवेक का इस्तेमाल कर आपका मामला जांच के लिए नहीं उठा सकता है। सीबीडीटी के चेयरमैन के रूप में मैं भी कोई मामला खुद जांच के लिए नहीं चुन सकता।

उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने सितंबर 2017 में आयकर फार्म का ई-आकलन शुरू किया था। अभी तक 60,000 मामले ई-आकलन के जरिए पूरे किए गए हैं। चंद्रा ने बताया कि कुल पंजीकृत 15 लाख कंपनियों में से सिर्फ सात लाख कर रिटर्न दाखिल कर रही हैं।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की चेयरमैन वन्जा एन सरना ने कहा कि सरकार ने आम बजट में 45 उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ाया है, जबकि पांच वस्तुओं पर इसमें कमी की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा समय है। इन सभी वस्तुओं का विनिर्माण भारत में हो सकता है। इनमें से ज्यादातर उत्पाद एमएसएमई क्षेत्र के हैं।

Web Title: सरकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को किया मजबूत, करदाताओं की संख्या हुई 8 करोड़ : सीबीडीटी