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नौकरी की शुरुआत में ही अपना लें ये 5 आदतें, नहीं होगी भविष्‍य में पैसों की तंगी

पढ़ाई खत्‍म करने के बाद नई-नई नौकरी की शुरुआत करने वाले अधिकांश यूथ यह नहीं जानते कि फाइनेंशियल प्‍लानिंग कब और कैसे शुरू की जाए। अपनाएं ये पांच आदत।

Sachin Chaturvedi
Sachin Chaturvedi 18 Nov 2017, 19:31:18 IST

नई दिल्‍ली। पढ़ाई खत्‍म करने के बाद नई-नई नौकरी ज्‍वॉइन करने वाले अधिकांश यूथ यह नहीं जानते कि फाइनेंशियल प्‍लानिंग कब और कैसे शुरू की जाए। बहुत से यूथ फाइनेंशियल प्‍लानिंग होती क्‍या है इस बारे में सोचते ही नहीं, जबकि कुछ इससे जानबूझकर बचते हैं। जब इसके बारे में सोचना शुरू करते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। फाइनेंशियल प्‍लानिंग के लिए गणित में अच्‍छा होना जरूरी नहीं है। फाइनेंशियल प्‍लानिंग के लिए बस जरूरत है आपको कुछ अध्‍ययन और इस दिशा में सही कदम उठाने की। आज इंडिया टीवी पैसा की टीम यूथ के लिए फाइनेंशियल प्‍लानिंग की पांच बातें बताने जा रही है, जिन पर चलकर कोई भी अपना भविष्‍य बेहतर बना सकता है।

खर्च पर कंट्रोल करना जरूरी

अच्‍छी फाइनेंशियल प्‍लानिंग के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपनी जरूरत और इच्‍छा के बीच अंतर को अच्‍छे से समझ लें। कुछ भी सामान खरीदने से पहले अपनी फाइनेंशियल कंडीशन पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को समझे और यह पता करें कि उस सामान की आपको कितनी जरूरत है। यदि उस सामान को खरीदने की तुरंत जरूरत है और इससे आपकी फाइनेंशियल स्थिति पर ज्‍यादा दबाव नहीं पड़ेगा तभी अपने फैसले पर आप आगे बढ़ें। लेकिन इसका मतलब यह बिल्‍कुल नहीं है कि आप दोस्‍तों के साथ घूमना-फि‍रना, खाना-पीना या पिक्‍चर जाना छोड़ दें। जिन चीजों की आपको तुरंत जरूरत नहीं है और उनके बिना आप अच्‍छे से रह सकते हैं, उन्‍हें खरीदने पर लगाम लगाना जरूरी है और इसके लिए आत्‍म नियंत्रण की भावना मजबूत करनी होगी।

टारगेट से कभी न भटकें

नौकरी की शुरुआत करने से पूर्व जरूरी है कि आप अपने टारगेट को निर्धारित करें। टारगेट की समय सीमा अलग-अलग होती है। कुछ टारगेट छोटी अवधि के होते हैं, तो कुछ मध्य अवधि के। वहीं कुछ टारगेट लंबी अवधि के भी होते हैं, लेकिन हमेशा अपने टारगेट को हासिल करने की दिशा में ही काम करने की आदत डालें। टारगेट तय करना और उसी दिशा में आगे बढ़ने से आप अपनी पूंजी और समय का सही चीजों में निवेश करने में सक्षम होंगे।

बजट बनाकर तय करें खर्च का दायरा

एक बार फाइनेंशियल टारगेट बनाने के बाद आप अपना बजट बनाएं और प्रयत्न पूर्वक उसका ज्यादा से ज्यादा पालन करें। एक महीने बाद आपको अहसास होगा कि बजट बनाना और खर्चों पर नजर रखना कितना मददगार होता है। इससे आपको पता चलता है कि आपको कितना पैसा खर्च करना चाहिए और कितनी बचत करने की जरूरत है। इससे अनावश्यक खर्चों अथवा उधारी से बचकर अपने पास उपलब्ध साधनों में जीवन-यापन करना सीखते हैं। सुनियोजित बजट व्यर्थ खर्चों से दूर रहने में मदद करता है। आपके लिए यह जानना जरूरी है कि समझदारी से किया गया खर्च एक प्रकार की बचत ही है।

बनाएं एक इमरजेंसी फंड

हर दिन एक जैसा नहीं होता। जरूरी नहीं कि आज आपकी नौकरी सुरक्षित है, तो कल भी ऐसा ही हो। आज के परिदृश्य में व्यक्ति को कभी भी मंदी की मार झेलनी पड़ सकती है और कारोबारी रणनीति में बदलाव होने अथवा उच्च शिक्षा का फैसला करने के कारण नौकरी से भी अलग होना पड़ सकता है। परेशानी के वक्त के लिए थोड़ा पैसा बचाना समझदारी भरा कदम होता है। नियमित मासिक राशि में से थोड़ा सा हिस्सा अलग निकालें, जिसे मासिक खर्च से अलग रखना चाहिए। स्वस्थ इमरजेंसी फंड आपको बेहद जरूरी आराम एवं सहजता प्रदान करता है।

खराब परिस्थितियों के लिए भी रहें तैयार

जीवन में अपने आप को बुरे वक्त के लिए तैयार रखना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह किसी पर भी आ सकता है। स्वास्थ्य और जीवन बीमा कवर लेना बुरे वक्त में काफी मददगार साबित होता है। अप्रत्याशित स्थितियों में आपको वित्तीय स्थिरता उपलब्ध कराकर आपकी एवं परिवार की मदद करता है। यह अप्रत्याशित स्थिति अस्पताल में भर्ती होना, चोट लगना अथवा मौत होना हो सकती है, जो आपकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकती है। जीवन बीमा इन अप्रत्याशित घटनाओं के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है। जीवन बीमा लेने से पहले खुद का पर्याप्त बीमा कराने पर अवश्य ध्यान दें, ताकि भविष्य में आप पर निर्भर लोगों को सहयोग मिल सके। साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य बीमा लेना भी जरूरी है, जो बीमारी या किसी दुर्घटना के वक्‍त फाइनेंशियल बर्डन से बचाता है।

Web Title: नौकरी की शुरुआत में ही अपना लें ये 5 आदतें