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एड-ऑन कवर ऐसे बढ़ाते हैं कार इंश्‍योरेंस के प्रीमियम का बोझ, अपनाएं ये तरीके नहीं खर्च करनी होंगे ज्‍यादा पैसे

मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय कंपनियां आपको एड-ऑन कवर भी ऑफर करती हैं। अगर ये जरूरत के मुताबिक लिए जाएं तो अच्छा है नहीं तो इससे प्रीमियम बढ़ जाता है।

Manish Mishra
Manish Mishra 02 Jan 2017, 10:38:42 IST

नई दिल्ली। जब आप अपनी कार के लिए मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी लेने जाते हैं तो कंपनियां आपको एड-ऑन कवर भी ऑफर करती हैं। एड-ऑन कवर अगर जरूरत के मुताबिक लिए जाएं तो अच्छा है नहीं तो इससे प्रीमियम की राशि में इजाफा ही होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वाहन में कोई खास गड़बड़ी होती है तो एड-ऑन कवर अतिरिक्त लाभ पहुंचा कर पॉलिसीधारक को चिंता मुक्त करता है। लेकिन कोई भी एड-ऑन कवर चुनने से पहले पॉलिसीधारक को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वह उसकी जरूरत का है या नहीं, अन्यथा इससे प्रीमियम का बोझ बढ़ जाएगा।

आजकल साधारण बीमा कंपनियां कार बीमा पॉलिसी के तहत कई तरह के एड-ऑन कवर की पेशकश करती हैं। एड-ऑन कवर कार बीमा पॉलिसी के बेस कवर का दायरा बढ़ा देतेे हैं। आइए, ऐसे ही कुछ एड ऑन कवर पर एक निगाह डालते हैं।

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डेप्रिसिएशन कवर

तीन साल से कम पुराने वाहनों के लिए डेप्रिसिएशन कवर बीमा कंपनियां ऑफर करती हैं। इसके अंतर्गत बीमा कंपनियां दुर्घटना की वजह से किसी क्षतिग्रस्त पुर्जे की रीप्लेसमेंट की क्षतिपूर्ति करती हैं। इसका मतलब हुआ कि अगर दुर्घटना के बाद वाहन के कुछ पुर्जे बदले जाते हैं तो बीमा कंपनी पुर्जे की वास्तविक कीमत का भुगतान करेगी न कि उसके डेप्रिसिएटेड वैल्‍यू का।

तस्‍वीरों के जरिए जानिए गोल्‍ड से जुड़े कुछ अद्भुत तथ्‍य

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NCB बनाए रखने का कवर

अगर कोई ड्राइवर सुरक्षित ड्राइविंग करता है और एक साल के दौरान कोई क्लेम नहीं करता है तो बीमा कंपनी उसे नो-क्लेम बोनस (NCB) देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक कार मालिक लंबे समय में NCB संचित करते हुए ओन डैमेज प्रीमियम पर 50 फीसदी तक की छूट पा सकता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति 50 फीसदी NCB संचित होने के बाद क्लेम करता है तो यह वापस शून्य हो जाता है। NCB रिटेंशन एड-ऑन कवर ऐसी परिस्थिति में अर्जित NCB को सुरक्षित रखता है। हालांकि, राइडर में इस बात का भी उल्लेख होता है कि NCB किस सीमा तक सुरक्षित है।

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पर्सनल एक्सीडेंट कवर

कुछ बीमा कंपनियां काफी कम प्रीमियम पर पर्सनल एक्सीडेंट कवर मोटर इंश्योरेंस के साथ उपलब्ध कराती हैं। दुर्घटना की दशा में कार के मालिक/ड्राइवर के इलाज का खर्च यह कवर वहन करता है।

एंबुलेंस चार्ज कवर

दुर्घटना होने पर बीमित व्यक्ति को एंबुलेंस से अस्पताल तक पहुंचाने का खर्च यह एड-ऑन कवर उपलब्ध कराता है।

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डेली एलाउंस कवर

कई साधारण बीमा कंपनियां डेली एलाउंस कवर उपलब्ध कराती हैं। इसके अंतर्गत अगर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से मरम्मत के लिए गया है तो कंपनियां आम तौर पर अधिकतम 3,000 रुपए प्रति दिन का भुगतान पॉलिसीधारक को करती हैं।

रोड साइड असिस्टेंस कवर

अगर आपका वाहन बीच रास्ते में खराब हो जाता है या कार की चाबी गुम हो जाती है तो यह कवर पॉलिसीधारक को डुप्लीकेट चाबी, ईधन आदि उपलब्ध कराता है। रोड साइड असिस्टेंस के तहत लगभग 12 एड ऑन कवर पॉलिसीधारक को मिलते हैं जिनमें 24×7 स्पॉट असिस्टेंस, टोइंग सुविधा, टायर और बैटरी की मरम्मत/रीप्लेसमेंट, छोटे-छोटे मरम्मत, टैक्सी सुविधा और ठहरने की व्यवस्था प्रमुख हैंं।

Web Title: एड-ऑन कवर ऐसे बढ़ाते हैं कार इंश्‍योरेंस के प्रीमियम का बोझ