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सेंसेक्स 35500 के नीचे फिसला, चीन-अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल में तेजी का असर

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार यूद्ध बढ़ने की आशंका की वजह से आज एशियाई शेयर बाजारों पर जो दबाव देखा जा रहा है उसका असर भारत के बाजारों पर भी दिखा है, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने कमजोरी के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स फिलहाल 85.03 प्वाइंट की नरमी के साथ 35463.23 पर कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी 32.95 प्वाइंट की गिरावट के साथ 10766.90 पर ट्रेड हो रहा है

Manoj Kumar
Manoj Kumar 19 Jun 2018, 9:33:24 IST

नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार यूद्ध बढ़ने की आशंका की वजह से आज एशियाई शेयर बाजारों पर जो दबाव देखा जा रहा है उसका असर भारत के बाजारों पर भी दिखा है, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने कमजोरी के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स फिलहाल 85.03 प्वाइंट की नरमी के साथ 35463.23  पर कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी 32.95 प्वाइंट की गिरावट के साथ 10766.90 पर ट्रेड हो रहा है।

शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टर इंडेक्स पर दबाव देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा कमजोरी मेटल, रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी की 50 में से 40 कंपनियों में गिरावट है जबकि सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयर लाल निशान के साथ ट्रेड हो रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की वजह से आज निफ्टी पर सबसे ज्यादा कमजोरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में देखी जा रही है, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट है। इसके अलावा वेदांत, हिंडाल्को, हीरो मोटोकॉर्प, आईसीआईसीआई बैंक, कोल इंडिया और ग्रासिम के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात होने वाली लगभग 200 अरब डॉलर की अतीरिक्त वस्तुओं पर आयात शुल्क के बयान के बाद आज एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई है जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के व्यापार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह चीन से आयात होने वाली 200 अरब डॉलर की उन वस्तुओं का चुनाव करें जिनपर अतीरिक्त 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जा सकता है, यह आयात शुल्क तब लागू होगा अगर चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाना बंद नहीं किया। इसके जबाव में चीन ने भी कहा है कि अगर अमेरिका अतीरिक्त आयात शुल्क की धमकी पर आगे बढ़ता है तो वह भी अमेरिका के खिलाफ इस तरह का कदम उठाएंगे।