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Hindi News पैसा बाजार हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्‍स 120...

हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्‍स 120 और निफ्टी 40 अंक ऊपर, डेन और हाथवे के शेेेेयर टूटेे

चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर के बीच हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सधी शुरुआत की है। आज देश के दोनों प्रमुख बाजार बीएसई और एनएसई की शुरुआत तेजी के साथ हुई।

Sachin Chaturvedi
Sachin Chaturvedi 06 Jul 2018, 11:06:24 IST

नई दिल्‍ली। चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर के बीच हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सधी शुरुआत की है। आज देश के दोनों प्रमुख बाजार बीएसई और एनएसई की शुरुआत तेजी के साथ हुई। फिलहाल (सुबह 10.35 बजे) बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्‍स 121 अंकों की तेजी के साथ 35695 पर ट्रेड कर रहा है। वहीं नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी भी 40 अंकों की तेजी के साथ 10790 पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले कल गुरुवार को सेंसेक्स 71 अंक की कमजोर के साथ 35575 और निफ्टी भी 20 अंकों की गिरावट के साथ 10750 के स्तर पर बंद हुआ।

आज के शुरुआती कारोबारी सत्र में लॉर्जकैप शेयरों में टाटा मोटर्स, बीपीसीएल, आईओसी, बजाज ऑटो, एचपीसीएल, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और यस बैंक में तेजी दिखाई दी है। वहीं, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, वेदांता, कोल इंडिया, विप्रो, एनटीपीसी और भारती एयरटेल में गिरावट दिखी है। आज सबसे तेजी से बढ़ने वाले शेयरों में अदानी पावर का शेयर है। यह शेयर कल बंद हुए बाजार के मुकाबले 7.37 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं एमएमटीसी का शेयर 6.48 फीसदी ऊपर है, श्री इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का शेयर 5.75 फीसदी और अशोक लेलेंड तथा सोभा डेवलपर्स का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी पर ट्रेड कर रहा है।

वहीं गिरावट वाले शेयरों की बात करें तो कल रिलायंस ब्रॉडबैंड की घोषणा के बाद से हाथवे का शेयर टूटता जा रहा है। आज यह शेयर 7.77 फीसदी टूटा है। वहीं डेन का शेयर भी 5.56 फीसदी टूट चुका है। वहीं वक्रांगी के शेयर में भी करीब 5 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा क्‍वालिटी का शेयर भी 4 फीसदी टूटा है।

रुपया आठ पैसे कमजोर

विदेशी बाजारों में डॉलर की तेजी तथा विदेशी मुद्रा की जारी निकासी के कारण आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुरुआती कारोबार में आठ पैसे गिरकर 69.03 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। यह रुपये की लगातार तीसरे दिन की गिरावट है।  डीलरों का कहना है कि अमेरिकी मुद्रा की मांग तथा घरेलू शेयर बाजारों का गिरावट में खुलना रुपये की कमजोरी के मुख्य कारण हैं। चीन के आयात पर अमेरिका द्वारा आयात शुल्क लगाया जाना तय होने के कारण निवेशक पूरी तरह से व्यापार युद्ध शुरू होने की आशंका से ग्रसित हैं।