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ग्वारसीड की खेती 17% पिछड़ी, पैदावार हो सकती है प्रभावित

देश के तीन बड़े ग्वारसीड उत्पादक राज्यों में इस साल ग्वार की खेती पिछले साल के मुकाबले पिछड़ी हुई है जिस वजह से इस साल ग्वार की पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। देश में ग्वारसीड का ज्यादातर उत्पादन राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में होता है और इस साल इन तीनो ही राज्यों में ग्वार की खेती पिछले साल के मुकाबले पिछड़ी हुई है

Manoj Kumar
Reported by: Manoj Kumar 22 Jul 2018, 15:00:13 IST

नई दिल्ली। देश के तीन बड़े ग्वारसीड उत्पादक राज्यों में इस साल ग्वार की खेती पिछले साल के मुकाबले पिछड़ी हुई है जिस वजह से इस साल ग्वार की पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। देश में ग्वारसीड का ज्यादातर उत्पादन राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में होता है और इस साल इन तीनो ही राज्यों में ग्वार की खेती पिछले साल के मुकाबले पिछड़ी हुई है।

राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में कुल खेती

तीनों राज्यों में 16 जुलाई तक कुल मिलाकर 16.50 लाख हेक्टेयर में खेती दर्ज की गई है जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17 प्रतिशत कम है, पिछले साल इस दौरान करीब 20 लाख हेक्टेयर में ग्वार की फसल लग चुकी थी।

राजस्थान में पिछड़ा रकबा

ग्वारसीड की सबसे ज्यादा उपज देने वाले राज्य राजस्थान की बात करें तो इस साल वहां रकबा करीब 14 प्रतिशत पिछड़ा हुआ है, 16 जुलाई तक राजस्थान में 14.55 लाख हेक्टेयर में ग्वारसीड की खेती दर्ज की गई है जबकि पिछले साल इस दौरान 16.88 लाख हेक्टेयर में फसल लग चुकी थी। पिछले साल पूरे सीजन में लगभग 34.22 लाख हेक्टेयर में ग्वार की खेती हुई थी और इस साल रकबा पिछले साल के मुकाबले कम होने की आशंका बढ़ गई है।

हरियाणा और गुजरात का हाल

कुछ ऐसा ही हाल हरियाणा और गुजरात का भी है, हरियाणा में 16 जुलाई तक 1.81 लाख हेक्टेयर में फसल दर्ज की गई है जबकि पिछले साल इस दौरान 2.29 लाख हेक्टेयर में खेती हो चुकी थी। गुजरात में भी खेती पिछड़ चुकी है, 16 जुलाई तक वहां सिर्फ 14269 हेक्टेयर में खेती दर्ज की गई है जबकि पिछले साल इस दौरान 83100 हेक्टेयर में खेती हो चुकी थी।

5 साल से लगातार घट रहा है ग्वारसीड का उत्पादन

देश में पैदा होने वाले कुल ग्वारसीड का 70-80 प्रतिशत हिस्सा अकेले राजस्थान से आता है और पिछले 5 साल के दौरान राजस्थान में इसके उत्पादन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। राजस्थान कृषि विभाग के मुताबिक 2013-14 के दौरान वहां उत्पादन 28.61 लाख टन था जो पिछले साल घटकर सिर्फ 12.44 लाख टन दर्ज किया गया। इस साल राजस्थान में फिर से रकबा घटा है जिससे ग्वारसीड की पैदावार में इस साल भी गिरावट आने की आशंका बढ़ गई है।  

ग्वारगम की निर्यात मांग मजबूत

वहीं दूसरी तरफ ग्वारसीड से तैयार होने वाले ग्वारगम की निर्यात मांग की बात करें तो निर्यात लगातार बढ़ता जा रहा है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान ग्वारगम निर्यात में 17 प्रतिशत का उछाल आया है जबकि चालू वित्त वर्ष 2018-19 के शुरुआती 2 महीने के दौरान 95000 टन से ज्यादा ग्वारगम एक्सपोर्ट हो चुका है।

Web Title: ग्वारसीड की खेती 17% पिछड़ी, पैदावार हो सकती है प्रभावित