Live TV
GO
  1. Home
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. मोदी-ट्रंप की दोस्‍ती आई काम, तकनीकी...

मोदी-ट्रंप की दोस्‍ती आई काम, तकनीकी उत्‍पादों के आसान आयात की सुविधा पाने वाला भारत तीसरा एशियाई देश

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती नज़दीकियों और चीन के साथ अमेरिका के ट्रेडवॉर का असर व्‍यापारिक संबंधों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।

Sachin Chaturvedi
Written by: Sachin Chaturvedi 04 Aug 2018, 16:05:01 IST

वाशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती नज़दीकियों और चीन के साथ अमेरिका के ट्रेडवॉर का असर व्‍यापारिक संबंधों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। भारत अब एशिया का तीसरा देश बन गया है जिसे अमेरिका से सामरिक महत्व की उच्च प्रौद्योगिकी वाली वस्तुओं की खरीद की छूट है। अभी तक अमेरिका ने एशिया में जापान और दक्षिण कोरिया को यह छूट दे रखी थी।

अमेरिका की संघीय सरकार ने भारत को ‘‘रणनीतिक व्यापार अधिकार-पत्र 1” (एसटीए1) की सुविधा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत को असैन्य क्षेत्र में उपयोग होने वाली अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा रक्षा क्षेत्र से संबंधित उच्च प्रौद्योगिकी के उत्पादों की बिक्री करना आसान हो जाएगा। कल जारी अधिसूचना के अनुसार भारत अमेरिका की एसटीए1 सुविधा हासिल करने वाला 37वां देश है। ट्रम्प सरकार ने इस मामले में भारत को एक विशिष्ट देश माना है क्योंकि भारत अभी परमाणु प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करने वाले देशों के समूह (एनएसजी) का सदस्य नहीं है।

अमेरिका अपनी एसटीए1 सूची में केवल उन्हीं देशों को रखे हुए था जो प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी नियंत्रण संधि (एमटीसीआर), परंपरागत हथियारों के व्यापार में पारदर्शिता लाने के लिए हुए वासेनार समझौता (डब्ल्यूए) , रासायनिक एवं जैविक हथियारों के व्यापार पर नियंत्रण के लिए गठित आस्ट्रेलिया समूह (एजी) और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के सदस्य रहे हैं। भारत एनएसजी को छोड़ कर बाकी तीन संधियों में शामिल है। मुख्य रूप से चीन के विरोध के कारण भारत को अभी एनएसजी की सदस्यता नहीं मिल सकी है। अमेरिका ने भारत को अभी तक एसटीए2 में रखा हुआ था। इस सूची में अल्बानिया, हांगकांग, इस्राइल, माल्टा,सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ताइवान को रखा गया है।

Web Title: मोदी-ट्रंप की दोस्‍ती आई काम, तकनीकी उत्‍पादों के आसान आयात की सुविधा पाने वाला भारत तीसरा एशियाई देश