Live TV
GO
Hindi News पैसा बिज़नेस US-CHINA TRADE WAR: चीनी सामानों पर...

US-CHINA TRADE WAR: चीनी सामानों पर 14 लाख करोड़ से अधिक का टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका

अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के अनुसार ट्रंप प्रशासन चीन से आने वाले सामानों पर 200 बिलियन डॉलर से अधिक का टैरिफ लादने की तैयारी में है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 16 Sep 2018, 11:47:18 IST

वॉशिंगटन। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ वॉर की खाइयां और गहरी होती जा रही हैं। अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के अनुसार डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन चीन से आने वाले सामानों पर 200 बिलियन डॉलर (करीब 14 लाख 42 हजार रुपए) से अधिक का टैरिफ लादने की तैयारी में है। गौर तलब है कि इसी हफ्ते चीन और अमेरिका इसी मसले में बातचीत भी करने जा रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन के इस चौंकाने वाले फैसले से जुड़ी खबर अमेरिकी अखबार वॉलस्‍ट्रील जर्नल में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में क‍हा गया है कि टैरिफ विवाद को लेकर चीन और अमेरिका के बीच फिर से नए स्तर पर बातचीत हो सकती है। इससे पहले राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी कुछ इसी प्रकार के संकेत दिए थे। पिछले हफ्ते एक ट्वीट में राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका इसी प्रकार के सख्‍त कदम जल्‍दी ही उठा सकता है।

वॉलस्‍ट्रीट जर्नल में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका चीनी वस्‍तुओं पर करीब 10 फीसदी का टैरिफ लगा सकता है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में यह 25 फीसदी कहा गया था। इसके मुकाबले यह दर काफी कम है। इससे पहले दोनों ही देश एक-दूसरे के उत्पादों पर 50 बिलियन डॉलर का टैरिफ लगा चुके हैं।

चीन ने करीब 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर (4326.30 रुपए) का टैरिफ अमेरिकी उत्पादों पर ठोंका है। चीनी प्रशासन ने इससे जुड़ी एक नई लिस्ट भी जारी की है। ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ प्लान के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर के अगले स्तर पर जाने की पूरी संभावना है। हालांकि वाइट हाउस के प्रवक्ता लिंडसे वॉलटर्स ने नए टैरिफ की खबरों पर किसी प्रकार की टिप्‍पणी से इंकार कर दिया है।

हालांकि वॉलटर्स ने यह जरूर कहा है कि राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की नीति इस संबंध में पूरी तरह से स्‍पष्‍ट है। अमेरिकी प्रशासन चीन के गलत व्यापार के तरीकों को रोकने का पूरा प्रयास कर रहा है। इसे को रोकने के लिए चीनी उत्पादों पर कड़े आयात शुल्क लगाएगा। हम चीन से बार-बार आग्रह करते रहे हैं कि वह अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रहे इस मुद्दे का समाधान निकालने की पहल करे।