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ट्रंप और सऊदी अरब कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमत, भाव पर आ सकता है दबाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि सऊदी अरब के शाह सलमान ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के उनके आग्रह को मान लिया है। ईरान और वेनेजुएला की ओर से आने वाली कमी को पूरा करने के लिए इसे 20,00,000 बैरल तक बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप ने यह बात तब कही है जब करीब एक सप्ताह पहले ही तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक ने तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा कर दी है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 01 Jul 2018, 12:25:52 IST

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि सऊदी अरब के शाह सलमान ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के उनके आग्रह को मान लिया है। ईरान और वेनेजुएला की ओर से आने वाली कमी को पूरा करने के लिए इसे 20,00,000 बैरल तक बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप ने यह बात तब कही है जब करीब एक सप्ताह पहले ही तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक ने तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा कर दी है। 

ट्रंप ने अपने सुबह के ट्वीट में कहा, "सऊदी अरब के शाह सलमान से अभी बात की और उन्हें ईरान तथा वेनेजुएला में अशांति एवं अक्षमता की स्थिति से अवगत कराया। मैंने सऊदी अरब से कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 20,00,000 बैरल तक की वृद्धि करने को कहा है, ताकि कमी को पूरा किया जा सके। कच्चे तेल की कीमतें बहुत ऊंची हैं! वह इस पर सहमत हैं!" 

दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार को फोन पर बात हुई। अमेरिका ने देशों को ईरान से तेल खरीदने से मना किया है जिसमें भारत और चीन भी शामिल हैं। ईरान विश्व में तेल आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख देश है। ट्रंप पिछले कुछ महीनों से ट्विटर पर ओपेक देशों पर लगातार निशाना साधा रहे हैं और सऊदी अरब पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं ताकि खुदरा कंपनियों के पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम किया जा सके। 

उल्लेखनीय है कि, प्रमुख तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक ने जुलाई से कच्चे तेल उत्पादन में प्रति दिन 10 लाख बैरल की वृद्धि करने पर सहमति जताई थी। ट्रंप की यह ताजा टिप्पणी उसके एक सप्ताह बाद आई है जब ओपेक देशों के मंत्रियों ने जुलाई से उत्पादन बढ़ाने पर पहले ही सहमति जता दी है। सउदी अरब ओपेक का प्रमुख सदस्य है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटते हैं तो इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के सस्ता होने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।