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साउथ कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों में रोबोट खाते जा रहे हैं लोगों की नौकरियां, भारत में अभी कम है खतरा

नियाभर में धीरे-धीरे रोबोट लोगों की नौकरियां खाते जा रहे हैं, कुछेक देश तो ऐसो हो गए हैं जहां पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कुल वर्क फोर्स का 6-7 प्रतिशत हिस्सा रोबोट ले चुके हैं। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स (IFR) के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों में मैन्युफैक्चरिंग में सबसे ज्यादा रोबोट काम कर रहे हैं

Manoj Kumar
Manoj Kumar 11 Jun 2018, 15:21:57 IST

नई दिल्ली। दुनियाभर में धीरे-धीरे रोबोट लोगों की नौकरियां खाते जा रहे हैं, कुछेक देश तो ऐसो हो गए हैं जहां पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कुल वर्क फोर्स का 6-7 प्रतिशत हिस्सा रोबोट ले चुके हैं। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स (IFR) के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों में मैन्युफैक्चरिंग में सबसे ज्यादा रोबोट काम कर रहे हैं, भारत में भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मानव की जगह धीरे-धीरे रोबोट आना शुरू हो गए हैं लेकिन उनकी संख्या अभी बहुत कम है।

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स के मुताबिक साल 2016 तक दुनियाभर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हर 10000 कर्मचारियों पर औसतन 74 रोबोट दर्ज किए गए, सबसे अधिक रोबोट दक्षिण कोरिया में दर्ज किए गए हैं जहां हर 10000 कर्मचारियों पर 631 रोबोट हैं। दक्षिण कोरिया के बाद दूसरा नंबर सिंगापुर का है जहां 2016 तक हर 10000 कर्मचारियों पर 488 रोबोट दर्ज किए गए हैं।

इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर 309 रोबोट के साथ जर्मनी, चौथे नंबर पर 303 रोबोट के साथ जापान, और पांचवें नंबर पर 211 रोबोट के साथ डेनमार्क है। IFR के मुताबिक अमेरिका में हर 10000 कर्मचारियों पर 189 और चीन में 68 रोबोट हैं।

भारत में भी रोबोट धीरे-धीरे कर्मचारियों की जगह ले रहे हैं लेकिन अभी उनकी संख्या बहुत कम है, IFR के मुताबिक 2016 तक भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हर 10000 कर्मचारियों पर सिर्फ 3 रोबोट दर्ज किए गए हैं जो वैश्विक औसत 74 से बहुत कम है।

IFR का मानना है कि आने वाले समय में दुनियाभर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोबोट की संख्या तेजी से बढ़ेगी, 2019 तक दुनियाभर में फैक्टरियों में करीब 14 लाख नए रोबोट लग सकते हैं। यूरोप के देश तथा चीन में रोबोट की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।