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मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी को KG-D6 में 40,000 करोड़ रुपए के निवेश की मिली मंजूरी

हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ने कृष्णा गोदावरी बेसिन के अपतटीय केजी-डी6 ब्लाक में खोजे गए कुछ प्राकृतिक गैस भंडार क्षेत्र के विकास के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा बीपी पीएलसी की 4 अरब डॉलर की निवेश योजना को सोमवार को

Manish Mishra
Manish Mishra 26 Feb 2018, 18:37:17 IST

नई दिल्ली हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ने कृष्णा गोदावरी बेसिन के अपतटीय केजी-डी6 ब्लाक में खोजे गए कुछ प्राकृतिक गैस भंडार क्षेत्र के विकास के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा बीपी पीएलसी की 4 अरब डॉलर की निवेश योजना को सोमवार को मंजूरी दे दी। बीपी के अनुसार, इस परियाजना के तहत तीन फील्ड में खोजे गए स्रोतों का विकास किया जाना है। इनसे कुल मिला कर अधिकतम दैनिक उत्पादन लगभग दो करोड़ घन मीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

डीजीएच ने ट्विटर पर कहा है कि प्रबंधन समिति ने देश के पूर्वी अपतटीय क्षेत्र में स्थित केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 में तीन गैस फील्ड विकासित करने की परियोजना को आज मंजूरी दे दी। इसमें करीब 4 अरब डॉलर (26,000 करोड़ रुपए) की पूंजी खर्च की जाएगी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 ब्लाक की परिचालक है। वहीं ब्रिटेन की बीपी पीएलसी की 30 प्रतिशत तथा कनाडा के निको रिर्सोसेज की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बीपी इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि ये फील्ड विकास योजनाएं ‘सेटेलाइट क्‍लस्टर फील्ड’ तथा एमजे (डी 55) गहरे खोज से संबंधित हैं।

प्रबंधन समिति ने एमजे के साथ छह छोटे फील्ड (सेटेलाइट फील्ड) तथा आर-सिरीज खोज के लिए भी अलग फील्ड विकास योजनाओं को मंजूरी दी। समिति में पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रतिनिधि भी हैं। खोजे गए क्षेत्रों में तीन सेट वे हैं जिस पर भागीदार कंपनियां केजी-डी6 से उत्पादन को बढ़ाने के मकसद से ध्यान दे रही हैं।

प्रबंधन समिति ही परियोजनाओं में निवेश के प्रस्तावों को मंजूरी देती है और उसके आधार पर कंपनियां निवेश शुरू करती हैं। प्रवक्ता के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा बीपी ने पिछले वर्ष जून में 40,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की थी जिसका मकसद केजी-डी6 से घटते उत्पादन को फिर से बढ़ाना था।

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