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रतन टाटा का छलका दर्द, बोले - जब देश टाटा मोटर्स को विफल कंपनी के रूप में देखे तो दुख होता है

टाटा समूह के चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा ने सोमवार को टाटा मोटर्स के कर्मचारियों से कहा कि वे फिर से इस कारोबार की प्रमुख कंपनी बनने की योजना बनाएं।

Manish Mishra
Edited by: Manish Mishra 02 Apr 2018, 20:55:43 IST

नई दिल्ली टाटा समूह के चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा ने सोमवार को टाटा मोटर्स के कर्मचारियों से कहा कि वे फिर से इस कारोबार की प्रमुख कंपनी बनने की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि पिछले चार पांच साल में समूह की इस कंपनी की बाजार भागीदारी घटी है और जब देश इसे विफल कंपनी के रूप में देखता है तो दुख होता है। वे पुणे में कंपनी कर्मचारियों के एक सालाना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हर नए वित्त वर्ष की शुरुआती में होने वाला यह पारंपरिक कार्यक्रम लगभग पांच साल के अंतर के बाद आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि चेयरमैन एन चंद्रशेखरन व प्रबंध निदेशक गुएंतर बुशचेक के नेतृत्व में टाटा मोटर्स भविष्य में आगे बढ़ना जारी रखेगी। टाटा मोटर्स से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए रतन टाटा ने कहा कि टाटा मोटर्स से जुड़ा होना गर्व की बात है। नए वाहन बनाना हो, यात्री कार खंड में उतरना हो या नयी प्रणाली बनाना हो, ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे हासिल करने के लिए हमने अपना सर्वसर्व नहीं झोंका।

हाल ही के वर्षों में कंपनी की बाजार भागीदारी में गिरावट पर टिप्प्णी करते हुए रतन टाटा ने कहा कि मुझे दुख होता है जब हमने बीते चार पांच साल में बाजार भागीदारी गंवा दी और हम एक ऐसी कंपनी बन गए जिसे देश विफल कंपनी के रूप में देखने लगा।

टाटा मोटर्स का एकल सकल कारोबार 2016-17 में 3.6 प्रतिशत बढ़कर 49,100 करोड़ रुपए रहा जो कि इसी दौरान उसका एकल आधार पर कर बाद नुकसान 2,480 करोड़ रुपए रहा जो एक साल पहले 62 करोड़ रुपए था।

Web Title: रतन टाटा का छलका दर्द, बोले - जब देश टाटा मोटर्स को विफल कंपनी के रूप में देखे तो दुख होता है