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2 और ज्वैलर्स के पास फंसे PNB के 1014 करोड़ रुपए, जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों की रकम 23% बढ़ी

PNB के आंकड़े के अनुसार बैंक से 25 लाख रुपये से अधिक का कर्ज ले चुके कर्जदारों पर 31 जनवरी 2018 तक कुल 14,593.16 करोड़ रुपये बकाया था।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 18 Feb 2018, 18:13:25 IST

नई दिल्ली। घोटाले में फंसे पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वाले बड़े कर्जदारों की राशि में बढ़ोतरी हुई है। बैंक के 25 लाख रुपये और उससे ऊपर के जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों की राशि में जनवरी को समाप्त केवल आठ महीने में करीब 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। PNB के आंकड़े के अनुसार बैंक से 25 लाख रुपये से अधिक का कर्ज ले चुके कर्जदारों पर 31 जनवरी 2018 तक कुल 14,593.16 करोड़ रुपये बकाया था।

सिर्फ 8 महीने में 23 प्रतिशत बढ़े बैंक के विलफुल डिफॉल्टर

बैंक ने इस प्रकार का आंकड़ा जून 2017 से देना शुरू किया। उस समय उसका सकल कर्ज बकाया 11,879.74 करोड़ रुपये था। इन आठ महीनों में राशि में 22.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक ने 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इसमें कथित रूप से जौहरी नीरव मोदी तथा एसोसिएट कंपनियां शामिल हैं। धोखाधड़ी मोदी से संबद्ध कंपनियों को फर्जी गारंटी पत्र (लेटर आफ अंडरटेकिंग) जारी करने से जुड़़ा है ताकि वे भारतीय बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं से कर्ज ले सके। यह काम बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया। 

विजय माल्या और 2 ज्यूलर्स के साथ इन लोगों के पास फंसा है PNB का पैसा

बैंक के अनुसार 31 जुलाई 2018 तक कुल 25 लाख रुपये और उससे अधिक के कर्ज जानबूझकर नहीं लौटाने वालों की सूची में फोरएवर प्रीसियस ज्यूलर एंड डायमंड ( 747.97 करोड़ रुपये), किंगफिशर एयरलाइंस ( 597.44 करोड़ रुपये), जूम डेवलपर्य ( 410.18 करोड़ रुपये) तथा एमबीएस ज्यूलरी प्राइवेट लि. (266.17 करोड़ रुपये ) शामिल हैं। इनमें फोरएवर प्रीसियस ज्यूलर और एमबीएस ज्यूलरी की रकम को मिलाकर देखें तो 1014 करोड़ रुपए बैठती है। कुल मिलाकर दो और जूलर PNB पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।

पीएनबी जून 2013 से जानबूझकर कर्ज नहीं लौटानों वालों की सूची जारी कर रहा है और यह प्रक्रिया 31 मई 2017 तक जारी रही। उसके बाद बैंक ने जून 2017 से केवल उन लोगों और कंपनियों के नाम जारी करने शुरू किये जिनपर 25 लाख रुपये या उससे अधिक कर्ज है और उन्होंने जानबूझकर ऋण नहीं लौटाया।