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मंगलवार को आई बड़ी राहत भरी खबर, 9 महीने बाद मुंबई में पेट्रोल का भाव आया 80 रुपए प्रति लीटर से नीचे

पेट्रोल और डीजल के दाम में मंगलवार को लगातार छठे दिन गिरावट आई। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 42 पैसे और डीजल में चार पैसे प्रति लीटर की कटौती दर्ज की गई।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 27 Nov 2018, 11:44:42 IST

मुंबई। पेट्रोल और डीजल के दाम में मंगलवार को लगातार छठे दिन गिरावट आई। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 42 पैसे और डीजल में चार पैसे प्रति लीटर की कटौती दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल के दाम में 41 पैसे, मुंबई में 41 पैसे प्रति लीटर और चेन्नई में 44 पैसे प्रति लीटर की कमी आई है। डीजल कोलकाता में चार पैसे, मुंबई में 43 पैसे और चेन्नई में भी 43 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में मंगलवार को पेट्रोल के भाव क्रमश: 74.07 रुपए,  76.06 रुपए, 79.62 रुपए और 76.88 रुपए प्रति लीटर दर्ज किए गए। इसाी प्रकार चारों महानगरों में डीजल की कीमतें क्रमश: 68.89 रुपए, 70.74 रुपए, 72.13 रुपए और 72.77 रुपए प्रति लीटर दर्ज की गईं।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी का रुख रहने से पिछले एक महीने से ज्यादा समय से भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव घटने का सिलसिला जारी है, जिससे वाहन चालकों व आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिली है।

इससे पहले सोमवार को भी ईंधन की कीमतों में कटौती हुई थी। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल के भाव क्रमश: 74.49 रुपए, 76.47 रुपए, 80.03 रुपए और 77.32 रुपए प्रति लीटर थे। चारों महानगरों में डीजल की कीमतें क्रमश: 69.29 रुपए, 71.14 रुपए, 72.56 रुपए और 73.20 रुपए प्रति लीटर थीं।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में तीन अक्टूबर के बाद ब्रेंट क्रूड के दाम में 30 प्रतिशत से ज्यादा जबकि अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई के भाव में करीब 33 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि, बीते सप्ताह आई भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल के दाम में रिकवरी देखी जा रही है।

हालांकि, बाजार के जानकार बताते हैं कि कच्चे तेल के दाम में फिलहाल उठाव की संभावना कम दिख रही है, जबकि इस बात की प्रबल संभावना है कि छह दिसंबर को वियना में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिग कंट्रीज यानी ओपेक की बैठक में सउदी अरब तेल की आपूर्ति घटाने पर जोर डालेगा। जानकार बताते हैं कि ओपेक के सभी सदस्यों के बीच तेल का उत्पादन घटाने पर सहमति होने की संभावना कम है। वहीं, अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

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