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सीमा शुल्क बढ़ाए जाने से पाकिस्तान को आर्थिक चोट, मार्च में पाकिस्तान से आयात 92 प्रतिशत घटा

दोनों देशों के बीच बुरे संबंधों से सिर्फ पाकिस्तान के कारोबारी ही नहीं प्रभावित हुए बल्कि इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ा है।

Bhasha
Bhasha 09 Jun 2019, 17:51:42 IST

नयी दिल्ली। पाकिस्तान से भारत में वाणिज्यक आयात इस साल मार्च में 92 प्रतिशत घटकर 28.4 लाख डालर का रहा। पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद 200 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाए जाने के बाद आयात में कमी आयी है। आतंकवादी हमले के बाद इस साल 16 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए भारत ने पड़ोसी देश से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया था। इन वस्तुओं में कपास, ताजा फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पादन तथा खनिज शामिल हैं। 

पिछले साल मार्च में 240 करोड़ का आयात

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पड़ोसी देश पाकिस्तान से आयात पिछले साल मार्च 2018 में करीब 3.46 करोड़ डालर (240 करोड़ रुपए) था। इस साल मार्च में कुल 19.70 करोड़ रुपए (28.4 लाख डॉलर) में से 8.25 करोड़ रुपए (11.9 लाख डॉलर) का कपास आयात किया गया। पड़ोसी देश से मार्च महीने में मुख्य रूप से जो जिंस आयात किए गए, उसमें प्लास्टिक, बुने कपड़े, परिधान के सामाल, कपड़ा, मसाला, रसायन आदि शामिल हैं। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 372 करोड़ रुपये (5.36 करोड़ डॉलर) रहा।

मार्च में भारतीय निर्यात भी 32 फीसदी घटा

ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच बुरे संबंधों से सिर्फ पाकिस्तान के कारोबारी प्रभावित हुए बल्कि इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ा है। मार्च में भारतीय निर्यात भी करीब 32 प्रतिशत घटकर 1188 करोड़ रुपये (17.13 करोड़ डॉलर) रहा। हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 प्रतिशत बढ़कर 13.9 हजार करोड़ रुपये (200 करोड़ डॉलर) रहा। भारत से निर्यात किये जाने वाले जिंसों में जैविक रसायन, कपास, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह और स्टील के सामाल तथा तांबा आदि शामिल हैं। 

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ घरेलू विनिर्माता निर्यातक पाकिस्तान से उत्पादों खासकर कच्चे माल के आयात के लिये अग्रिम अनुज्ञप्ति योजना (एडवांस आथोराइजेशन स्कीम) के तहत शून्य आयात शुल्क का लाभ ले सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 नवंबर 2018 को हुए आतंकवादी हमले में 40 सीआरपीएफ 40 जवान शहीद हो गए थे।