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पेट्रोल-डीजल: और घट सकते हैं दाम, कच्चे तेल का भाव 10 हफ्ते के निचले स्तर तक लुढ़का

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 दिन से किसी तरह की कटौती नहीं हुई है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इनके दाम और घट सकते हैं क्योंकि विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कटौती हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी कच्चे तेल का भाव घटकर ढाई महीने के निचले स्तर तक आ गया है जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम करीब डेढ़ महीने के निचले स्तर पर है।

Manoj Kumar
Manoj Kumar 18 Jun 2018, 9:28:06 IST

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 दिन से किसी तरह की कटौती नहीं हुई है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इनके दाम और घट सकते हैं क्योंकि विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कटौती हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी कच्चे तेल का भाव घटकर ढाई महीने के निचले स्तर तक आ गया है जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम करीब डेढ़ महीने के निचले स्तर पर है।

फिलहाल विदेशी बाजार में कच्चे तेल का भाव 63.80 डॉलर प्रति बैरल है जो 4 अप्रैल के बाद सबसे कम भाव है, इसी तरह ब्रेंट क्रूड का भाव भी घटकर 72.80 डॉलर प्रति बैरल के करीब है जो 3 मई के बाद सबसे कम भाव है। शुक्रवार को विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई थी और आज भी दाम करीब 1 प्रतिशत तक घट चुका है। विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से तेल कंपनियों की लागत घटी है और वह इस घटी हुई लागत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। मई में पेट्रोल और  डीजल की कीमतों ने जिस रिकॉर्ड स्तर को छुआ था वहां से पेट्रोल 2 रुपए से ज्यादा और डीजल डेढ़ रुपए से ज्यादा सस्ता हो चुका है।

फिलहाल 3 दिन से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है, सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम घटकर 76.35 रुपए, कोलकाता में 79.02 रुपए, मुंबई में 84.18 रुपए और 79.24 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है। डीजल की बात करें तो सोमवार को दिल्ली में इसका दाम 67.78 रुपए, चेन्नई में 70.33 रुपए, मुंबई में 72.13 रुपए और चेन्नई में 71.54 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कटौती से तेल कंपनियों की लागत में कुछ कमी जरूर आई है लेकिन भारतीय करेंसी रुपए में बढ़ रही कमजोरी से तेल कंपनियों पर बोझ भी बढ़ रहा है। डॉलर का भाव फिर से 68 रुपए को पार कर गया है जिससे तेल कंपनियों को कच्चे तेल का भुगतान करने के लिए फिर से ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद अगर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम घटाती भी है तो रुपए की कमजोरी की वजह से वह कटौती सीमित रह सकती है।

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