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Monsoon onset over Kerala: मानसून केरल के तट से 6 जून को टकराएगा, मौसम विभाग ने की भविष्यवाणी

भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पिछले 14 सालों के दौरान मानसून के पहुंचने की उसकी भविष्यवाणी 13 बार सही निकली है, सिर्फ एक बार यानि 2015 में उसका अनुमान सही नहीं गया था।

IndiaTV Hindi Desk
IndiaTV Hindi Desk 15 May 2019, 11:59:25 IST

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि इस साल केरल के तट पर मानसून 6 जून को टकराएगा। मौसम विभाग ने बुधवार सुबह यह भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग से पहले मंगलवार को मौसम का आकलन करने वाली निजी संस्था स्काइमेट ने कहा था कि इस साल केरल के तट पर मानसून 4 जून को टकराएगा।

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून के पहुंचने में थोड़ी देरी हो सकती है और यह 6 जून को केरल के तट पर टकराएगा। पिछले साल 29 मई को मानसून केरल के तट पर पहुंच गया था। जबकि 2017 में यह 30 मई को केरल के तट पर टकराया था।

भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पिछले 14 सालों के दौरान मानसून के पहुंचने की उसकी भविष्यवाणी 13 बार सही निकली है, सिर्फ एक बार यानि 2015 में उसका अनुमान सही नहीं गया था। 2015 में मौसम विभाग ने 30 मई को मानसून के केरल तट पर पहुंचने का अनुमान जारी किया था जबकि मानसून 5 जून को पहुंचा था।

भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर इस साल के अपने पहले अनुमान में सामान्य बरसात होने की उम्‍मीद जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन में अल-नीनो कमजोर रहने की संभावना है और सीजन बढ़ने के साथ यह कमजोर होता जाएगा।मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य यानि 96 प्रतिशत बरसात का अनुमान है। इसमें 5 प्रतिशत बरसात ऊपर-नीचे हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य से बहुत ज्यादा (110 प्रतिशत से ज्यादा) बरसात की संभावना 2 प्रतिशत है, जबकि सामान्य से अधिक (104-110 प्रतिशत) की संभावना 10 प्रतिशत है। इसके अलावा सामान्य बरसात यानि 96-104  प्रतिशत बरसात की संभावना 39 प्रतिशत है। यानि कुल मिलाकर सामान्य या सामान्य से अधिक बरसात की संभावना 50 प्रतिशत से ज्यादा है।

मौसम विभाग के मुताबिक सामान्य से थोड़ी कम यानि 90-96 प्रतिशत बरसात की संभावना 32 प्रतिशत और 90 प्रतिशत से कम बरसात की संभावना 16 प्रतिशत है। मानसून सीजन के दौरान अगर 90 प्रतिशत से कम बरसात हो तो सूखाग्रस्त घोषित किया जाता है। यानि इस साल 16 प्रतिशत संभावना सूखाग्रस्त मानसून की भी है।