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वैश्विक व्‍यापार में भारत की हिस्‍सेदारी दोगुना कर 3.4% करना चाहते हैं मोदी, GDP वृद्धि दहाई अंक में ले जाने का लक्ष्‍य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्‍न सरकारी विभागों और उद्योग के समक्ष एक नई चुनौती पेश की है। उन्‍होंने देश में अधिक रोजगार पैदा करने और प्रति व्‍यक्ति आय को बढ़ाने के लिए आयात में 10 प्रतिशत कमी लाने और वैश्विक व्‍यापर में भारत की हिस्‍सेदारी मौजूदा 1.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत करने का लक्ष्‍य रखा है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 22 Jun 2018, 16:06:58 IST

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्‍न सरकारी विभागों और उद्योग के समक्ष एक नई चुनौती पेश की है। उन्‍होंने देश में अधिक रोजगार पैदा करने और प्रति व्‍यक्ति आय को बढ़ाने के लिए आयात में 10 प्रतिशत कमी लाने और वैश्विक व्‍यापर में भारत की हिस्‍सेदारी मौजूदा 1.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत करने का लक्ष्‍य रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में पहुंचाने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वार्षिक वृद्धि दर को दहाई अंक में ले जाने और वैश्विक व्यापार में देश की हिस्सेदारी दोगुना कर 3.4 प्रतिशत तक करने के लक्ष्य पर जोर दिया है। 

राजधानी में वाणिज्य मंत्रालय के नए कार्यालय परिसर के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने देश में कारोबार करने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए चार वर्षों में कई कदम उठाए हैं। साथ ही चालू खाते घाटे जैसे वृहद आर्थिक संकेतकों को भी काबू में रखा है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। उन्होंने इसे अपर्याप्त मानते हुए कहा कि अब 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर के दायरे से ऊपर निकलकर इसे दहाई अंक में (दस प्रतिशत या उससे ऊपर) ले जाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया यह देख रही है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को दोगुना करके 5,000 अरब डॉलर या उससे ऊपर की अर्थव्यवस्था वाले देशों की कतार में कब  शामिल होता है। 

मोदी ने तेल का घरेलू उत्पादन एवं घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी दोगुना करके 3.4 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश कार्यों को अटकाने, लटकाने और भटकाने की संस्कृति से आगे निकल चुका है। 

उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली से न सिर्फ व्यापार करना सुगम हुआ है बल्कि करदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। मोदी ने कहा कि नई प्रणाली के तहत 54 लाख नए करदाताओं ने पंजीकरण कराया है। इसी के साथ अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। जीएसटी से पहले अप्रत्यक्ष करदाता 60 लाख थे। उन्होंने कहा कि इस समय देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ-साथ विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है।

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