Live TV
GO
Hindi News पैसा बिज़नेस Big Target: सरकार ने FY19 के...

Big Target: सरकार ने FY19 के लिए प्रत्‍यक्ष कर संग्रह का लक्ष्‍य 11.5 लाख करोड़ रखा, CBDT को पूरा होने की है उम्‍मीद

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य से अधिक रहने का भरोसा जताया है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 17 Sep 2018, 20:41:05 IST

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य से अधिक रहने का भरोसा जताया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 11.5 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह होने का बजट लक्ष्य तय किया है।

वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 14.3 प्रतिशत बढ़ाकर 11.5 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया है। चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि हम निश्चित रूप से उम्मीद करते हैं कि प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.5 लाख करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक रहेगा।  

हालांकि, महालेखा नियंत्रक के आंकड़े के अनुसार अप्रैल-जून अवधि में प्रत्यक्ष कर संग्रह मामूली रूप से सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपए रहा है। चंद्रा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक कर रिफंड करीब 95,000 करोड़ रुपए रहा है।

इस साल सरकार ने लंबित प्रत्यक्ष कर वापसी के लिए एक से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया। वित्त मंत्रालय ने पूर्व में एक बयान में कहा था कि लंबित दावों में से 99 प्रतिशत से अधिक का निपटान किया गया है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 18 प्रतिशत बढ़कर 10.03 लाख करोड़ रुपए रहा था।  

चंद्रा ने कहा कि फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट सौदे में लगभग 7,500 करोड़ रुपए कर के रूप में सरकार को मिले हैं। वॉलमार्ट ने फ्लिपार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण सौदा पूरा कर लिया है। कंपनी ने इसके लिए 16 अरब डॉलर का भुगतान किया है। सौदे के तहत कंपनी ने भारतीय कानून के तहत फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को भुगतान करते समय विदहोल्डिंग कर काटा है।

विदहोल्डिंग कर एक प्रकार का आयकर है, जो कि भुगतान करने वाले को सरकार को देना होता है। इसमें आय प्राप्त करने वाले के बजाये इसका भुगतान करने वाला कर काट कर सरकार को चुकाता है।

घरेलू कर कानून के तहत विदेशी निवेशकों द्वारा खरीदने के 24 महीने बाद बेचे जाने वाले शेयरों पर 20 प्रतिशत की दर से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगाया जाता है। हालांकि, आयकर कानून में कम दर पर अथवा शून्य दर पर भी कर देने का प्रावधान है बशर्ते कि उस देश के साथ जहां से निवेश किया गया है भारत का दोहरे कराधान से बचने का समझौता हुआ हो।

More From Business