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चीन और भारत के बीच हुए अहम समझौते : गैर-बासमती चावल भी मंगाएगा चीन, देगा ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह की जानकारी

भारत और चीन ने रविवार को दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं इनमें से एक बाढ के मौसम में ब्रह्मपुत्र नदी में जल-प्रवाह के स्तर से जुड़़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान का करार है। दूसरा समझौता भारत से गैर-बासमती चावल खरीद पर सहमति का है।

Manish Mishra
Manish Mishra 10 Jun 2018, 12:29:34 IST

चिंगदाओ। भारत और चीन ने रविवार को दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं इनमें से एक बाढ के मौसम में ब्रह्मपुत्र नदी में जल-प्रवाह के स्तर से जुड़़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान का करार है। दूसरा समझौता भारत से गैर-बासमती चावल खरीद पर सहमति का है। चीन के भारत से गैर-बासमती चावल का आयात करने से व्यापार को संतुलित करने में कुछ सीमा तक मदद मिल सकती है। अभी दोनों देशो के बीच व्यापार में चीन का निर्यात बहुत अधिक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग से अलग से द्विपक्षीय वार्ता के बाद यहां इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन के दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने यहां आए हुए हैं।

भारत के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय और चीन के जल संसाधन मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत चीन हर साल बाढ़ के मौसम यानी 15 मई से 15 अक्‍टूबर के बीच ब्रह्मपुत्र नदी में जल-प्रवाह से जुड़ी सूचनाएं भारत को सुलभ कराएगा। साथ ही बरसात के बाद मौसम मौसम में अगर इस नदी में जलस्तर परस्पर सहमति से तय सीमा से ऊपर जाता है तो उसकी भी जानकारी चीन भारत को देगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल डोकलाम विवाद के चलते चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र के प्रवाह से जुड़े आंकड़े साझा करने बंद कर दिए थे।

चीन द्वारा आयात किए जाने वाले गैर-बासमती चावल की स्वच्छता और उसके स्वस्थ होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के नए करार पर चीन के सीमाशुल्क प्रशासन और भारत के पादप सुरक्षा से संबंधी प्रमाणन पर कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग की ओर से हस्ताक्षर किए गए।

इसके तहत भारत प्रमाणित गैर-बासमती चावल का चीन को निर्यात कर सकेगा। चीन दुनिया के सबसे बड़े चावल बाजारों में से एक है। अभी तक चीन भारत से केवल बासमती चावल का आयात करता है। इसके लिए पादप उत्पाद स्‍वच्छता संबंधी प्रोटोकॉल पर 2006 में सहमति बनी थी। दोनों देशों के बीच अब इस प्रोटोकॉल में संशोधन किया है जिसके तहत भारत अब गैर-बासमती चावल भी चीन को निर्यात कर सकेगा।

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