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MSME को 59 मिनट में मिलेगा 1 करोड़ रुपए तक का लोन, PM मोदी ने किया ब्‍याज दर में छूट देने का भी ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक ऐसा पोर्टल लॉन्च किया, जो एक एमएसएमई को केवल 59 मिनट में 1 करोड़ रुपए तक के कर्ज को मंजूरी देगा।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 02 Nov 2018, 18:31:54 IST

नई दिल्‍ली। ऐसे समय में जब देश में सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम (एमएसएमई) कर्ज मिलने की समस्‍या से जूझ रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक ऐसा पोर्टल लॉन्‍च किया, जो एक एमएसएमई को केवल 59 मिनट में 1 करोड़ रुपए तक के कर्ज को मंजूरी देगा।

इस पोर्टल को लॉन्‍च करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब आप अपने घर से ऑफ‍िस तक पहुंचने में लगने वाले समय में लोन हासिल कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि हमनें एक पायलेट प्रोजेक्‍ट चलाया था, जिसमें मैंने 72,000 एमएसएमई को जोड़ने का लक्ष्‍य दिया था। आज की तारीख में इसमें 72,680 एमएसएमई शामिल किए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी रजिस्‍टर्ड इकाई के लिए जीएसटी पोर्टल पर ही लोन आवेदन करने का विकल्‍प उपलब्‍ध कराया गया है। मोदी ने कहा कि जब आप जीएसटी रिटर्न फाइल करते हैं, तब आपसे पूछा जाएगा कि क्‍या आप लोन लेना चाहते हैं। जीएसटी रजिस्‍टर्ड इकाई को कर्ज की ब्‍याज दर पर 2 प्रतिशत की रियायत भी दी जाएगी। उन्‍होंने कहा कि जीएसटी का ए‍क हिस्‍सा होने और एक ईमानदार करदाता होना अब आपकी ताकत बनेगा।

एमएसएमई निर्यातकों को निर्यात से पहले और बाद की जरूरतों के लिए कर्ज पर ब्याज सहायता को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया गया है। मोदी ने कहा कि 500 करोड़ रुपए से अधिक वाली कंपनियों को अब अनिवार्य रूप से टीआरईडीएस का हिस्‍सा होंगी और इनमें सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयां भी शामिल की जाएंगी।  

मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से कई मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिए गए हैं। यदि आप अपने दायरे को तोड़ते हैं और एक सामूहिक जिम्‍मेदारी के साथ काम करते हैं और निर्णय लेते हैं तो इसका परिणाम बहुत बड़ा होता है। एक सीमित दायरे में काम करने से आपके सारे सपने फाइलों में ही दम तोड़ देते हैं।

पीएम मोदी ने एमएसएमई के लिए आज की ये 12 घोषणाएं
  1. 59 मिनट लोन पोर्टल का देशव्यापी लॉन्‍च।
  2. जीएसटी के तहत पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को एक करोड़ रुपए तक के नए कर्ज पर ब्याज दर में 2 प्रतिशत की छूट।
  3. एमएसएमई निर्यातकों को निर्यात से पहले और बाद की जरूरतों के लिए कर्ज पर ब्याज सहायता 3% से बढ़ाकर 5% प्रतिशत की गई।
  4. एमएसएमई से सार्वजनिक कंपनियों के लिए अनिवार्य खरीद को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का फैसला।
  5. माइक्रो और स्मॉल इंटरप्राइजेज द्वारा खरीदारी की अनिवार्यता में कुल खरीद का 3 प्रतिशत, महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित होगा।
  6. अब केंद्र सरकार की सभी कंपनियों के लिए GeM की सदस्यता लेना ज़रूरी कर दिया गया है।
  7. वो अपने सभी Vendors-MSME’s को भी इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत कराएंगी, जिससे उनके द्वारा की जा रही खरीद में भी MSMEs को अधिक से अधिक लाभ मिलेगा।
  8. MSME सेक्टर की फार्मा कंपनियों को बिजनेस करने में आसानी हो, वो सीधे ग्राहकों तक पहुंच पाएं, इसके लिए अब क्लस्टर बनाने का फैसला लिया गया है।
  9. सरकार ने कंपनी अधिनियम 2013 में बहुत बड़ा बदलाव कर, MSMEs को कानूनी जटिलताओं से राहत दी है।
  10. सरकार आप पर भरोसा करके Self-Certification पर आपके रिटर्न स्वीकृत करेगी। Labor Department की तरह पर्यावरण के Routine Inspection समाप्त होंगे और सिर्फ 10 प्रतिशत MSMEs का निरीक्षण होगा।
  11. वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण कानूनों के तहत MSMEs के लिए इन दोनों को एक करके, अब सिर्फ एक ही Consent अनिवार्य होगा।
  12. Environmental Clearance की प्रक्रियाओं का सरलीकरण और Self Certification को बढ़ावा दिया जाएगा।

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