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अटल बिहारी वाजपेयी का 15 अगस्त 2003 को लाल किले की प्राचीर से दिया गया अंतिम भाषण

अटल बिहारी वाजपेई जी ने 15 अगस्त 2003 को लालकिले की प्राचीर से अपना अंतिम भाषण दिया था, उनके भाषण के मुख्य अंश इस तरह से हैं

Manoj Kumar
Reported by: Manoj Kumar 16 Aug 2018, 11:54:52 IST

नई दिल्ली। देश के लोकप्रिय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा है, वह दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हैं। पूरा देश अटल जी को अबतक के सबसे बेहतर प्रधानमंत्रियों में से एक मानता है और देश के लिए उनके द्वारा किए गए कामों के को हमेशा याद करता है। अटल जी ने 15 अगस्त 2003 को लाल किले की प्राचीर से अपना अंतिम भाषण दिया था, उनके भाषण के मुख्य अंश इस तरह से हैं।

सूखे से लड़ने के लिए किसानों को बधाई

पिछले साल देश में सूखा रहा, हमने सभी सूखाग्रत्स इलाकों को प्रयाप्त मदद दी और पर्याप्त अन भेजा, किसानों को बधाई जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से देश के अन्न के भंडार भर दिए, आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। सभी, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, साहित्यकारों और कलाकारों तथा बच्चों को इसके लिए बधाई।

देश की सुरक्षा के लिए पहला काम अणु परीक्षण था

सभी प्रवासी भारतीयों का अभिनंदन, विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में उनका उल्लेखनीय योगदना दिया है हमें उनपर गर्व है। स्वतंत्रता के संघर्ष में इस महान भारत का सपना हमने देखा था, कुछ साकार हुआ है और कुछ होना बाकी है, राष्ट्र की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसलिए 5 साल पहले हमारी सरकार ने जो पहला काम किया वह अणु परीक्षण था। भारत को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अधिक शक्तिशाली बनाने की जरूरत है।

पाकिस्तान को अमन के रास्ते पर साथ चलने का न्यौता

5 सालों में हमारी विदेश नीति ने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, पाकिस्तान के साथ रिश्तों में हाल के दिनों में कुछ प्रगति हुई है लेकिन आतंकि गतिविधियां अब भी जारी है। पाकिस्तान के मित्रों से मैं कहता रहा हूं कि लड़ते-लड़ते 50 साल हो गए हैं, और कितना खून बहाना बाकी है? लाहौर से आई 2 साल की बच्ची नूर को हिंदुस्तान में जो प्यार मिला उसमें ऐसा पैगाम जिसे पाकिस्तान को समझना जरूरी है, दोनो देशों के स्वाधीनता दिवस के मौके पर मैं पाकिस्तान को अमन के रास्ते पर साथ चलने का न्यौता देता हूं।

कश्मीर में स्वतंत्र चुनाव

स्वतंत्र चुनाव ने फिर एक बार साबित कर दिया है कि कश्मीर की जनता ने सीमा पार आंतक को ठुकरा दिया है। जम्मु-कश्मीर की गुत्थी को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।

कर्ज लेने वाले देश भारत अब कर्ज दे रहा है, विदेशी मुद्रा भंडार 100 अरब डॉलर के पार

पिछले कुछ सालों में देश ने जो प्रगति की है उसने मुझे नई आशा और विश्वास दिया है, कर्ज लेने वाला भारत आज कर्ज दे रहा है, हमेशा विदेशी मुद्रा की कमी झेलने वाले भारत ने आज 100 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा कमा ली है। जरूरत की चीजों की कीमतें काबू में और बाजार में किसी चीज का आभाव नहीं है, गरीबी घट रही है और तेजी से घटाने का हमारा संकल्प है।

गावं-गावं तक सड़कें पहुंचाने की योजना

आजादी के 50 साल बाद भी लगभग 2 लाख गांव ऐसे थे जिनमें सड़कें नहीं पहुंची थी, हमारी सरकार ने पहली बार इन गावों को अच्छी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की है। आजादी के 50 सालों में सिर्फ 550 किलोमीटर के 4 लेन वाले राजमार्ग बनाए गए थे, अब हम रोजाना 11 किलोमीटर की गति से 24000 किलोमीटर सड़कें बनाएंगे। 54000 किलोमीटर की राष्ट्रीय राजमार्ग योजना पर काम शुरू हो गया है।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर निर्यात बढ़ा

कंप्यूटर के क्षेत्र में लाखों नौजवानों को रोजगार मिले हैं। सॉफ्टवेयर का निर्यात 8000 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 50000 करोड़ रुपए हो गया है।

चंद्रमा पर भेजा जाएगा चंद्रयान प्रथम

भारत चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यान भेजेगा, इसका नाम होगा चंद्रयान प्रथम

2010 तक किसानों की आय दगुना करने का लक्ष्य

पिछले दशकों में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के जरिए भारत की कृषि को काफी बल मिला है, अब भारत के लिए जरूरी है खाद्य श्रंखला क्रांति, जिसका लक्ष्य वर्ष 2010 तक भारत के किसान की औसत आमदनी दोगुना करना है।

देश की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना

अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत देश के अत्यंत गरीब डेढ़ करोड़ परिवारों के लिए 2 रुपए किलो गेहूं और 3 रुपए किलो चावल के अंतर्गत हर महीने 2 रुपए किलो गेहूं और 3 रुपए किलो चावल हर महीने 35 किलो अनाज दिए जाने का काम हो रहा है, इतना सस्ता अनाज कभी नहीं दिया गया। यह दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना है।

2.5 लाख शिक्षकों की भर्ती

सर्व शिक्षा अभियान के चलते अब कोई भी बालक, विषेशकर बालिकाएं अब प्राइमरी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे, 2.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति इसी साल की जाएगी। प्राइमरी तक के बच्चों को दोपहर का भोजन देने का कार्यक्रम कुछ राज्यों में चल रहा है अब इसे पूरे देश में चलाने का फैसला किया है। बाद में 10वीं तक के छात्रों के लिए भी इसे लागू किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम अक्षय पात्र के नाम से चलेगा

पिछड़े राज्यों में खुलेंगे 6 एम्स

देश के पिछड़े राज्यों में अच्छे अस्पतालों की कमी से होने वाली परेशानियों को मै जानता हूं, इसलिए दिल्ली के एम्स जैसी सुविधाओं वाले 6 अस्पताल देश के पिछड़े राज्यों में अगले 3 सालों के दौरान खोले जाएंगे।

मकान निर्माण में आई तेजी

पिछले 5 साल में जिस गति से गावं और शहर में मकानों का निर्माण हुआ है वह पहले कभी नहीं हुआ था, अब जितनी कम ब्याज दर पर मकानों के लिए कर्ज मिल रहा है वह पहले कभी नहीं मिल रहा था।

अल्पसंख्यकों की हिफाजत और भलाई के लिए जागरूकता

भारत एक बहुधर्मी देश है और मजहब के आधार पर भेदभाव करना हमारी प्रकृति और संस्कृति के खिलाफ है। अल्पसंख्यकों की हिफाजत और उनकी भलाई के प्रति हमे हमेशा जागरूक रहना है।

पूर्वोत्तर में शांति वार्त के अच्छे नतीजे

उत्तर पूर्व के राज्यों में शांति वार्ता के अच्छे नतीजे निकल रहे हैं। बंदूक उठाने वाले हाथ अब वहां के विकास में लगना चाहते हैं। सरकार उनके स्वागत के लिए तैयार है।

अनुसीचित जातियों और जनजातिओं के लिए काम

हमसबका दायित्व है कि अपनी अनुसूचित जातियों  और जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के वंधुओं को समान अवसर उपलब्ध कराकर व्यवस्था में भागीदार बनाए, आदिवासियों के विकास के लिए हमने नया मंत्रालय और आयोग बनाया है। 50 साल के बाद पहली बार अनुसूचित जनजाती की सूचि की समीक्षा करके 100 से भी अधिक नए समूहों को इसमें जोड़ा गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रस्ताव है। आज पंचायतों और नगर पालिकाओं में 10 लाख से भी ज्यादा महिला सदस्य हैं।

2020 तक भारत को विकसित देश बनाना है

प्यारे देशवासियो आज देश ऐसे मोड़ पर है जहां से देश एक लंबी छलांग लगा सकत है, भारत को 2020 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े धेय्य को हासिल करने की तमन्ना सारे देश में बल पकड़ रही है। जरा पीछें मुड़कर देखिए, बड़े बड़े संकटों का सामना करके भारत आगे बढ़ रहा है।

Web Title: Last Speech of Atal Bihari Vajpayee from Lal Qila | अटल बिहारी वाजपेयी का 15 अगस्त 2003 को लाल किले की प्राचीर से दिया गया अंतिम भाषण