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विलफुल डिफॉल्‍टर्स के खिलाफ बैंक करें कड़ी कार्रवाई, वित्‍त मंत्री जेटली ने कठोर कदम उठाने का दिया निर्देश

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को धोखाधड़ी करने और जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कारगर कदम उठाने को कहा है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 25 Sep 2018, 18:49:34 IST

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को धोखाधड़ी करने और जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कारगर कदम उठाने को कहा है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों के साथ एक बैठक में उनके कामकाज की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि अर्थव्यवस्था में लिखा-पढ़ी के साथ संगठित ढंग से कारोबार का विस्तार होने से भारत को आठ प्रतिशत की दर से मजबूत आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी। 

वित्त मंत्रालय द्वारा किए गए ट्वीट में कहा गया है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों से कहा कि वह कर्ज देने का काम पूरी ईमानदारी से करें और बैंकों में पुन: जो भरोसा किया गया है उसे सही साबित करने के लिए धोखाधड़ी करने तथा जान बूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कारगर कार्रवाई करें। बैंकों को हर समय ऐसे संस्थान के रूप में दिखना चाहिए, जो कि पूरी ईमानदारी और सूझबूझ के साथ कर्ज का वितरण करते हैं।

वित्त मंत्री की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ यह समीक्षा बैठक ऐसे समय हुई है जब वैकल्पिक प्रणाली ने सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय का फैसला किया है। यह निर्णय वैश्विक आकार के मजबूत और बड़े बैंक बनाने की दृष्टि से किया गया है। बैंकों ने, जहां तक उनके फंसे कर्ज की बात है, इसकी वसूली के लिए प्रयास तेज किए गए हैं।

36,551 करोड़ रुपए की हुई वसूली

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों ने पुराने फंसे कर्ज में से 36,551 करोड़ रुपए की वसूली की है। पिछले साल की इसी तिमाही में की गई वसूली के मुकाबले यह राशि 49 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष 2017- 18 में बैंकों ने कुल 74,562 करोड़ रुपए की वसूली की है। 

आर्थिक वृद्धि की दर होगी 8 प्रतिशत

जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में विभिन्न वाणिज्यिक गतिविधियों के औपचारिक तंत्र के तहत आने और बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेश होने से देश में खरीद क्षमता बढ़ी है। इससे भारत की वृद्धि गति तेज होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे देश को आठ प्रतिशत के आसपास आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।

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