Live TV
GO
  1. Home
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. नोटबंदी के डेढ़ साल बाद ही...

नोटबंदी के डेढ़ साल बाद ही स्विस बैंक में फिर बढ़ने लगा भारतीयों का पैसा, 2017 में हुई 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी

विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन को लेकर जब भी बात उठती है तो सबसे पहले स्विस बैंक का नाम लिया जाता है, इस बार फिर से भारतीयों के पैसों को लेकर स्विस बैंक का नाम सामने आया है। स्विस नेशनल बैंक की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों को मुताबिक 2017 के दौरान बैंक में जमा होने वाले भारतीयों के पैसों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है

Manoj Kumar
Reported by: Manoj Kumar 28 Jun 2018, 20:08:57 IST

नई दिल्ली। विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन को लेकर जब भी बात उठती है तो सबसे पहले स्विस बैंक का नाम लिया जाता है, इस बार फिर से भारतीयों के पैसों को लेकर स्विस बैंक का नाम सामने आया है। स्विस नेशनल बैंक की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों को मुताबिक 2017 के दौरान बैंक में जमा होने वाले भारतीयों के पैसों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बैंक के आंकड़ों के मुताबिक लगातार 3 साल तक भारतीयों की तरफ से जमा किए जाने वाले पैसों में गिरावट देखी जा रही थी, लेकिन 2017 में इसमें 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह रकम 101 करोड़ स्विस फ्रैंक यानि लगभग 7000 करोड़ भारतीय रुपए के बराबर हो गई है। देश में केंद्र सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं लेकिन इसके बावजूद स्विस बैंक में भारतीयों द्वारा जमा किए जाने वाले पैसों में बढ़ोतरी हो रही है, हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि स्विस बैंक में भारतीयों के जमा पैसों में हुई बढ़ोतरी कालेधन की वजह से है या यह एक सामान्य प्रक्रिया है।

2016 के दौरान स्विस बैंक में भारतीयों के जमा पैसों में 45 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली थी, उस साल यह रकम घटकर लगभग 4500 करोड़ रुपए रह गई थी जो 1987 के बाद सबसे कम रकम थी। स्विस बैंक ने 1987 से ही इस तरह के आंकड़े जारी करना शुरू किए थे।

बैंक के आंकड़ों के मुताबिक उसके यहां के सभी बैंकों में जमा होने वाले विदेशी नागरिकों के पैसों में 2017 के दौरान 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, यह रकम बढ़कर 1.46 लाख करोड़ स्विस फ्रैंक यानि लगभग 100 लाख करोड़ रुपए हो गई है।

Web Title: नोटबंदी के डेढ़ साल बाद ही स्विस बैंक में फिर बढ़ने लगा भारतीयों का पैसा, 2017 में हुई 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी