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कालेधन के खिलाफ सरकार की लड़ाई तेज, 1.20 लाख और कंपनियों का रजिस्‍ट्रेशन होगा रद्द

सरकार ने आज 1.20 लाख और कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने की घोषणा की।

India TV Paisa Desk
Written by: India TV Paisa Desk 16 Jan 2018, 20:21:40 IST

नयी दिल्ली। सरकार ने आज 1.20 लाख और कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने की घोषणा की। काले धन के खिलाफ लड़ाई के तहत सरकार विभिन्न नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर रही है। सरकार इससे पहले करीब 2.26 लाख कंपनियों का पंजीकरण पहले ही रद्द कर चुकी है। वहीं इन कंपनियों से जुड़े 3.09 लाख निदेशकों को अयोग्य घोषित किया गया है। सरकार ने पिछले सप्ताह एक समीक्षा बैठक की जिसमें पहले जिन कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया उनके खिलाफ की गई कारवाई की समीक्षा की गई। उसी बैठक में 1.20 लाख और कंपनियों का पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पी पी चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रिकॉर्ड से हटाई गई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज करें। विभिन्न नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर करीब 1.20 लाख कंपनियों का नाम भी रिकॉर्ड से हटाया जाएगा। मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। दिसंबर 2017 तक विभिन्न नियमों का पालन नहीं करने पर 2.26 लाख कंपनियों का पंजीकरण समाप्त किया जा चुका है। अवैध धन के प्रवाह को रोकने के लिये यह कदम उठाये गये हैं।

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण :एनसीएलटी: के पास पंजीकरण रद्द कंपनियों की बहाली के 1,157 मामले भेजे गए हैं। एनसीएलटी ने इनमें से 180 कंपनियों की बहाली पर विचार का आदेश दिया है। इन 180 में से 128 कंपनियों की बहाली संबंधित कंपनी पंजीयकों द्वारा की जा चुकी है। निदेशकों को अयोग्य घोषित किए जाने से संबंधित 992 मामले विभिन्न उच्च न्यायालयों में हैं। मंत्रालय ने कहा कि इनमें से 190 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

इसके अलावा मंत्री ने विलंब पर माफी योजनाओं के मामलों को प्राथिमकता के आधार पर देखने को कहा है ताकि पात्र कंपनियों को इसका लाभ सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने कहा कि पंजीकरण रद्द करने और निदेशकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद अनुपालन में वृद्धि का रुख दिख रहा है। एमसीए21 पर अधिक से अधिक कंपनियां वार्षिक रिटर्न और लेखाजोखा दाखिल कर रही हैं। कंपनी कानून के तहत सभी तरह का ब्योरा एमसीए 21 पोर्टल के जरिये दाखिल किया जाता है।

Web Title: कालेधन के खिलाफ सरकार की लड़ाई तेज, 1.20 लाख और कंपनियों का रजिस्‍ट्रेशन होगा रद्द