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सरकार राजकोषीय घाटे को GDP के 3.3% तक रखने को प्रतिबद्ध, रुपए में गिरावट और क्रूड ऑयल की कीमतों से CAD पर बढ़ेगा दबाव

सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3.3% के बजटीय लक्ष्य में रखने को प्रतिबद्ध है।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 13 Sep 2018, 14:16:16 IST

नई दिल्ली सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3.3% के बजटीय लक्ष्य में रखने को प्रतिबद्ध है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि देश राजकोषीय घाटे और चालू खाते के घाटे (CAD) की दोहरी समस्या से एक साथ नहीं जूझ सकता है। अधिकारी ने कहा कि रुपए में गिरावट और कच्चे तेल के दाम चढ़ने से निश्चित रूप से देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर दबाव बढ़ेगा। इस समय राजकोषीय मोर्चे पर किसी तरह की चूक से दोहरे घाटे की समस्या झेलनी पड़ सकती है।

अधिकारी ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में किसी तरह की कटौती की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि कर राजस्व में तेल पर निर्भरता को कम किया जाना चाहिए। यह तभी हो सकता है जब जीडीपी में गैर-पेट्रोल कर राजस्व का हिस्सा बढ़े।

अधिकारी ने कहा कि भारत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को कायम रखेगा क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था उपभोग आधारित है और कर राजस्व भी बढ़ रहा है। हम इसे हासिल करने को प्रतिबद्ध हैं। हम खर्च में कटौती नहीं करेंगे क्योंकि इसका वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

अधिकारी ने कहा कि खर्च में कटौती कर राजकोषीय घाटे को कम करना सबसे आसान है। यदि हम खर्च में एक लाख करोड़ रुपए की कटौती करते हैं तो राजकोषीय घाटा 2.9 प्रतिशत पर आ जाएगा। लेकिन इससे वृद्धि पर असर पड़ेगा। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3% पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा हैं

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