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मार्च में रिटेल महंगाई घटकर रही 4.28 प्रतिशत, फरवरी में IIP वृद्धि पड़ी धीमी

अप्रैल माह में मैक्रो डाटा ने मिश्रित संकेत दिए हैं। एक ओर जहां सीपीआई मुद्रास्‍फीति दर मार्च माह में घटकर 4.28 प्रतिशत रही, जो कि इससे पहले फरवरी माह में 4.48 प्रतिशत थी, वहीं दूसरी ओर फरवरी माह के औद्योगिक उत्‍पादन की वृद्धि दर कमजोर रही।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 12 Apr 2018, 18:48:56 IST

नई दिल्‍ली। अप्रैल माह में मैक्रो डाटा ने मिश्रित संकेत दिए हैं। एक ओर जहां सीपीआई मुद्रास्‍फीति दर मार्च माह में घटकर 4.28 प्रतिशत रही, जो कि इससे पहले फरवरी माह में 4.48 प्रतिशत थी, वहीं दूसरी ओर फरवरी माह के औद्योगिक उत्‍पादन की वृद्धि दर कमजोर रही। जनवरी 2018 में आईआईपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो फरवरी में घटकर 7.1 प्रतिशत रह गई। एक साल पहले समान माह में यह 1.2 प्रतिशत थी।

हालांकि, दोनों मैक्रो संकेतकों ने अपेक्षित रूप से विरोधाभासी परिणाम दिखाए हैं। एक पूर्वानुमान के मुताबिक खुदरा महंगाई के 4.1 प्रतिशत और आईआईपी के 7 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान लगाया गया था।  

मार्च की खुदरा महंगाई दर में गिरावट आने की प्रमुख वजह खाद्या और सब्जियों की कीमतों में कमी आना है। मार्च में खाद्य मुद्रास्‍फीति फरवरी की 3.26 प्रतिशत से घटकर 2.81 प्रतिशत पर आ गई। इसी प्रकार खाद्य एवं पेय मुद्रास्‍फीति भी 3.38 प्रतिशत से घटकर 3.08 प्रतिशत पर आ गई। सब्जियों की मुद्रास्‍फीति में सबसे ज्‍यादा गिरावट आई और यह फरवरी की 17.57 प्रतिशत से घटकर मार्च में 11.7 प्रतिशत रह गई।

मुद्रास्‍फीति के 4.28 प्रतिशत की दर भारतीय रिजर्व बैंक के तय लक्ष्‍य 4 प्रतिशत से अभी भी बहुत ज्‍यादा है। वित्‍त वर्ष 2018-19 की अपनी पहली द्विमासिक बैठक में आरबीआई ने नीतिगत दर को बिना बदले 6 प्रतिशत पर कायम रखा है।  

वहीं दूसरी ओर, जनवरी माह में आईआईपी वृद्धि दर को संशोधित कर 7.5 प्रतिशत किया गया है, जो कि पहले 7.4 प्रतिशत थी। निम्‍न आईआईपी वृद्धि दर के बावजूद इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर में वृद्धि दर फरवरी में लगभग दोगुना 12.6 प्रतिशत रही है, जो कि जनवरी में 6.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी।  

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